Ranchi: झारखंड में प्रशासनिक शुचिता और पारदर्शी शासन को लेकर सरकार का रुख बेहद सख्त नजर आ रहा है. जनवरी 2026 की शुरुआत से लेकर 16 मई 2026 तक राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार, लापरवाही और विभागीय अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की है. इस दौरान जहां कई अफसरों के पुराने कारनामों पर विभागीय कार्यवाही की आंच तेज रही, वहीं जांच रिपोर्ट के आधार पर कई अधिकारियों को क्लीन चिट देते हुए आरोपों से मुक्त भी किया गया है. सरकारी महकमे में मचे इस हड़कंप के बीच कुल 12 प्रमुख मामले सामने आए हैं, जिनमें से 10 अधिकारियों को पूरी तरह आरोप मुक्त कर दिया गया है, जबकि 2 अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय जांच और दंडात्मक कार्यवाही जारी है.
09 अधिकारी हुए आरोप मुक्त
• गुलाम समदानी: तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी (गुमला) को प्रतिवेदित आरोपों से पूरी तरह मुक्त किया गया.

• अरविन्द कुमार: तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी (हजारीबाग) पर लगे आरोपों को विभाग ने खारिज करते हुए उन्हें आरोप मुक्त किया.
• अनिल कुमार सिंह: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के तत्कालीन अवर सचिव, जो पूर्व में निलंबित चल रहे थे, उन्हें निलंबन से मुक्त करते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया गया.
• जयदीप तिग्गा: तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह जिला प्रबंधक (राज्य खाद्य निगम, पश्चिमी सिंहभूम) को आरोपों से क्लीन चिट मिली.
• जयवर्द्धन कुमार: तत्कालीन अंचल अधिकारी (हंटरगंज, चतरा) को जांच के बाद आरोप मुक्त किया गया.
• प्रदीप कुमार: तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी (हिरणपुर, पाकुड़) को भी प्रतिवेदित आरोपों से राहत दी गई.
• नीतु कुमारी: तत्कालीन अंचल अधिकारी (चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम) के विरुद्ध पूर्व में अधिरोपित दंड तथा अपील अभ्यावेदन अस्वीकृत करने वाले पुराने संकल्प को विलोपित कर राहत दी गई.
• पवन कुमार मंडल: लावालौंग (चतरा) के तत्कालीन प्र०वि०पदा० के विरुद्ध वर्ष 2006 से दर्ज सिमरिया थाना कांड संख्या-76/06 के मामले को विभाग द्वारा संचिकास्त (बंद) कर दिया गया है.
• मुकेश कुमार: तत्कालीन बीडीओ (पतना, साहेबगंज) के विरुद्ध वर्ष 2023 में अधिरोपित की गई शास्ति (पेनल्टी) को विभाग ने विलोपित कर दिया.
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इन अधिकारियों के खिलाफ जारी है विभागीय कार्यवाही
राजीव कुमार मिश्रा (कार्यपालक पदाधिकारी): महागामा नगर पंचायत (गोड्डा) के तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी श्री राजीव कुमार मिश्रा के खिलाफ विभाग का कड़ा रुख बरकरार है. उनके खिलाफ आरोप पत्र में गठित गंभीर आरोपों की गहन जांच हेतु झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के तहत विभागीय कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है.
प्रभात कुमार पर दंड बरकरार
प्रभात कुमार के अपील अभ्यावेदन को पूरी तरह अस्वीकृत कर दिया गया है. विभाग ने इनके विरुद्ध वर्ष 2025 में अधिरोपित किए गए निंदन के दंड को यथावत बरकरार रखा है, जिसका सीधा असर उनके करियर प्रोफाइल पर पड़ेगा.
हरीश चन्द्र मुण्डा पर भी कार्रवाई जारी
हरीश चन्द्र मुण्डा: धालभूमगढ़ (पूर्वी सिंहभूम) के तत्कालीन अंचल अधिकारी के विरुद्ध भी नियमावली के तहत कार्यवाही संचालित की जा रही है. उन पर जमीन के अवैध हस्तांतरण का आरोप है.
