News Wave Desk : नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई को लगातार नयी जानकारी मिल रही है. सीबीआई की जांच में अब नेशनल टेस्टींग एजेंसी के अधिकारी का नाम सामने आने लगा है. खुलासा मनीषा संजय मांढरे और केमिस्ट्री के लेक्चरर पीवी कुलकर्णी की गिरफ्तारी के बाद हुआ. इन दोनों को तीन मई को हुई परीक्षा के पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने इन दोनों आरोपियों को 10 दिनों की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया है.
इंडिया टूडे की रिपोर्ट के मुताबिक सीबीआई अदालत से मनीषा मांढरे की कस्टडी मांगी. तब एजेंसी ने इस पूरे खेल में इनसाइड जॉब यानी अंदरूनी मिलीभगत के पुख्ता संकेत दिए. सीबीआई का आरोप है कि वाघमारे ने अन्य आरोपियों और एनटीए के ही एक अज्ञात अधिकारी के साथ मिलकर एक गहरी साजिश रची थी. जिसके मुताबिक परीक्षा के एक दिन पहले प्रश्न पत्र और आंसर की आरोपियों तक पहुंचा दी गयी थी.
जांच के अनुसार वाघमारे की मुलाकात पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड पीवी कुलकर्णी से लेक्चरर मनीषा मांढरे ने करवाई थी. बता दें मनीषा मंधारे खुद एनटीए की पेपर-सेटिंग कमेटी (प्रश्न पत्र तैयार करने वाली समिति) की सदस्य थीं. सीबीआई के मुताबिक मनीषा मांढरे ने कुलकर्णी से प्रश्न जुटाए और उन्हें मोटी रकम के बदले एक अन्य आरोपी धनंजय लोखंडे और कुछ अन्य लोगों को सौंप दिया. गिरफ्तारी के बाद शिक्षकों ने कबूला कि सबूत मिटाने की कोशिश भी की गयी. जिसके तहत कुलकर्णी द्वारा छात्रों के साथ साझा किए गए केमिस्ट्री के हाथ से लिखे सवालों को कथित तौर पर नष्ट कर दिया गया है.

अब 21 जून को होगी नीट की दोबारा परीक्षा
अब एनटीए ने नीट की दुबारा परीक्षा लेने की तैयारी कर ली है. परीक्षा 21 जून को होगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा फैसला लेते हुए घोषणा की है कि अगले साल से नीट की यह परीक्षा पूरी तरह से कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट यानी ऑनलाइन मोड में ली जाएगी.
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