सरायकेला: चांडिल प्रखंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का मामला उजागर, 4000 से ज्यादा सर्टिफिकेट जारी होने का आरोप

Saraikela: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चांडिल प्रखंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि...

Saraikela: चांडिल अनुमंडल क्षेत्र के चांडिल प्रखंड में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाने का बड़ा मामला सामने आया है. आरोप है कि रासुनिया, रुचाप और चांडिल पंचायत के स्कूलों से आधार कार्ड बनाने के लिए जमा किए गए दस्तावेजों पर स्थानीय छात्रों का प्रमाण पत्र नहीं बना, जबकि बिहार, पश्चिम बंगाल, रांची समेत अन्य राज्यों के लोगों के नाम पर 4000 से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिए गए.

रांची का एड्रेस सबसे ज्यादा बनाया गया. स्थानीय अभिभावकों के मुताबिक, विभिन्न स्कूलों द्वारा बच्चों के आधार कार्ड बनाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र बनवाने हेतु दस्तावेज जमा कराए गए थे. महीनों बीतने के बाद भी किसी छात्र का प्रमाण पत्र नहीं बना. अभिभावक परेशान हैं कि मेरे बेटे-बेटी का जन्म प्रमाण पत्र क्यों नहीं बनाया गया?

फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का आरोप

वहीं दूसरी तरफ आरोप है कि बिहार, पश्चिम बंगाल और रांची के लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र बनाए गए.

जांच में कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध

मामला संज्ञान में आने पर अनुमंडल पदाधिकारी चांडिल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि मामले की जांच के लिए चांडिल बीडीओ को आदेश दिया गया. जांच में प्रखंड कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर का काम करने वाले राजेश गुप्ता की भूमिका संदिग्ध पाई गई. प्रखंड विकास पदाधिकारी ने राजेश गुप्ता को शोकॉज नोटिस जारी किया था.

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आरोपी ने दिया इस्तीफा

शोकॉज मिलने के बाद कंप्यूटर ऑपरेटर राजेश गुप्ता ने इस्तीफा देकर नौकरी छोड़ दी और फिलहाल फरार बताया जा रहा है. अभिभावकों और स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 1000 से ज्यादा फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाए जा चुके हैं. अब सवाल उठ रहे हैं कि इतना बड़ा रैकेट किसके इशारे पर चल रहा था और इस गिरोह में कौन-कौन लोग शामिल हैं.

दोषियों पर होगी कार्रवाई

बीडीओ चांडिल ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही है. सभी फर्जी प्रमाण पत्रों को चिह्नित कर रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई होगी. साथ ही जिन छात्रों के प्रमाण पत्र नहीं बने हैं, उनके दस्तावेज दोबारा लेकर प्राथमिकता पर बनाए जाएंगे.

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