Chaibasa/Chakradharpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले के बंदगांव प्रखंड अंतर्गत कराईकेला स्वास्थ्य केंद्र और अन्य प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर जिला परिषद सदस्य बसंती पुरती ने गहरा रोष व्यक्त किया है. समस्या के समाधान के लिए उन्होंने डीसी को एक मांगपत्र सौंपा. क्षेत्र में डॉक्टरों की तत्काल बहाली की मांग की गई है. उपायुक्त को सौंपे गए पत्र में जिला परिषद सदस्य बसंती पुरती ने बताया कि बंदगांव प्रखंड के विभिन्न प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थापित डॉक्टरों को विभाग द्वारा अन्य क्षेत्रों में प्रतिनियुक्त (डेप्यूट) कर दिया गया है. डॉक्टरों के अपने मूल स्थान पर न होने के कारण पूरे प्रखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और स्थिति बेहद चिंताजनक है.
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डॉक्टरों के न होने से प्रसव और दुर्घटना में जा रही ग्रामीणों की जान: बसंती पुरती
बसंती पुरती ने कहा कि डॉक्टरों की अनुपलब्धता का सबसे खमियाजा गरीब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. क्षेत्र में प्रसव (डिलीवरी) और सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपातकालीन स्थितियों में समय पर डॉक्टरी इलाज नहीं मिल पा रहा है. इसके कारण आए दिन मरीजों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. स्थानीय ग्रामीणों के पास महंगे निजी अस्पतालों में जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बच रहा है. उन्होंने मांग की कि बंदगांव प्रखंड के डॉक्टरों की अन्य क्षेत्रों में की गई प्रतिनियुक्ति को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए,. सभी डॉक्टरों को उनके मूल पदस्थापना केंद्र पर वापस भेजा जाए.कराईकेला स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की चौबीसों घंटे सेवा अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए. बसंती पुरती ने कहा- “स्वास्थ्य का अधिकार हर नागरिक का मौलिक अधिकार है. बंदगांव प्रखंड के डॉक्टरों को हटाकर यहां के गरीब आदिवासियों और ग्रामीणों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है. अगर प्रशासन डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति रद्द कर उन्हें वापस बुलाता है, तो इससे क्षेत्र के हजारों लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा मिल सकेगी और कीमती जानें बचाई जा सकेंगी.”
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