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रिम्स में बढ़ता मानसिक दबाव: डॉक्टर बनने की दौड़ में टूट रहे युवा

Ranchi: रांची के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान रिम्स में एक और मेडिकल छात्र की आत्महत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर...

Ranchi: रांची के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल संस्थान रिम्स में एक और मेडिकल छात्र की आत्महत्या ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कठिन प्रतियोगी परीक्षा पास कर डॉक्टर बनने का सपना लेकर आने वाले छात्र आखिर किस दबाव में टूट रहे हैं? हॉस्टल के कमरों में पसरा सन्नाटा अब सिर्फ एक घटना का नहीं, बल्कि मेडिकल छात्रों के भीतर बढ़ते मानसिक तनाव का संकेत माना जा रहा है. मेडिकल शिक्षा को हमेशा से सबसे कठिन पढ़ाई में गिना जाता है. लगातार बेहतर प्रदर्शन का दबाव, लंबे समय तक पढ़ाई, प्रतियोगिता और भविष्य को लेकर चिंता छात्रों को मानसिक रूप से थका देती है. रिम्स के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो MBBS से लेकर पीजी तक कई छात्र तनाव और डिप्रेशन से जूझ रहे हैं. कुछ छात्र इलाज भी ले रहे हैं, लेकिन कई ऐसे होते हैं जिनकी परेशानी समय रहते सामने नहीं आ पाती.

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भावनात्मक सहारा, खुला माहौल और नियमित मानसिक स्वास्थ्य सहायता पर जोर

संस्थान में छात्रों की निगरानी और काउंसलिंग की व्यवस्था होने के बावजूद हाल के वर्षों में आत्महत्या और संदिग्ध मौतों की घटनाएं लगातार सामने आई हैं. इससे यह साफ हो रहा है कि केवल पढ़ाई का दबाव ही नहीं, बल्कि निजी रिश्ते, अकेलापन और भावनात्मक अस्थिरता भी बड़ी वजह बन रही है. रिम्स डायरेक्टर ने कहा कि मेडिकल छात्रों के लिए सिर्फ अकादमिक सपोर्ट काफी नहीं है. उन्हें भावनात्मक सहारा, खुला माहौल और नियमित मानसिक स्वास्थ्य सहायता की भी जरूरत है. योग, मेडिटेशन और काउंसलिंग जैसी गतिविधियां तभी प्रभावी होंगी जब छात्र खुलकर अपनी समस्याएं साझा कर सकें.

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