Hazaribagh: के विनोबा भावे विश्वविद्यालय का बहुउद्देशीय सभागार इन दिनों देश-विदेश के शातिरों के ‘माइंड गेम्स’ का गवाह बन रहा है. हजारीबाग डिस्ट्रिक्ट चेस एसोसिएशन द्वारा ऑल इंडिया चेस फेडरेशन और ऑल झारखंड चेस एसोसिएशन की देखरेख में आयोजित “चौथी ऑल इंडिया फाइड रेटिंग क्लासिकल शतरंज प्रतियोगिता 2026” का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है. प्रतियोगिता के तीसरे दिन शह और मात का ऐसा खूनी खेल देखने को मिला कि दर्शकों की सांसें थमी रहीं. इस भव्य अंतरराष्ट्रीय स्तर के महाकुंभ में भारत के विभिन्न राज्यों और विदेशों (जिम्बाब्वे) से आए कुल 272 दिग्गज खिलाड़ी हजारीबाग की मनमोहक वादियों के बीच अपनी दिमागी ताकत का लोहा मनवा रहे हैं.
उम्र पर भारी पड़ी प्रतिभा: 9.5 साल की बेटी ने चौंकाया
प्रतियोगिता के तीसरे दिन का सबसे सनसनीखेज और चर्चित मुकाबला तब रहा, जब मात्र 9.5 वर्ष की ओजस्वी धरनी धरका ने शतरंज की बिसात पर अपनी तीखी चालों से 70 वर्षीय तजुर्बेकार खिलाड़ी विजय कुमार सिंह को पराजित कर दिया. इस ऐतिहासिक मुकाबले ने पूरे हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजने पर मजबूर कर दी और यह साबित कर दिया कि शतरंज के खेल में उम्र नहीं, बल्कि केवल तगड़ी रणनीति मायने रखती है.

इंटरनेशनल मास्टर सुबीयान कुंडू टॉप पर, पांचवें और छठे चरण में कांटे की टक्कर
प्रतियोगिता में अब तक कुल छह चरण (राउंड) संपन्न हो चुके हैं. पांचवें चरण के शीर्ष बोर्ड पर इंटरनेशनल मास्टर सुबीयान कुंडू ने पश्चिम बंगाल के रंजीत मजूमदार को धूल चटाकर अंक तालिका में अपनी बादशाहत और बढ़त कायम रखी है.अन्य मुकाबलों में झारखंड के देबांजन सिन्हा ने पश्चिम बंगाल के अनुस्तूप बिस्वास को मात दी. वहीं पश्चिम बंगाल के अर्पण दास ने झारखंड के अर्पित आनंद को और अबीर मित्रा ने बिहार के किशन कुमार को शिकस्त देकर अपनी स्थिति मजबूत की. एक बेहद कड़े मुकाबले में पश्चिम बंगाल के सांबरता बनर्जी और जिम्बाब्वे के कामोयो कुदाकवाशे के बीच मैच बराबरी (ड्रॉ) पर छूटा.
हजारीबाग को मिल रही है नई अंतरराष्ट्रीय पहचान: मनमीत अकेला व करण जायसवाल
प्रतियोगिता की भव्यता और शानदार व्यवस्था पर बात करते हुए कार्यक्रम के निदेशक (डायरेक्टर) करण जायसवाल ने कहा हजारीबाग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों की मेजबानी करना हमारे जिले के लिए बेहद गौरव की बात है. हमारी पूरी टीम रात-दिन एक करके खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं और मंच देने के लिए समर्पित है. वहीं, संघ के सचिव मनमीत अकेला ने गर्व से कहा कि देशभर से आए खिलाड़ियों के इस अभूतपूर्व उत्साह ने हजारीबाग के खेल जगत को एक नई और बड़ी पहचान दी है. आने वाले समय में भी हजारीबाग में ऐसे बड़े और ऐतिहासिक टूर्नामेंट लगातार आयोजित होते रहेंगे.
दो चरणों में हो रहा है मुकाबला, 20 मई को महा-इनाम वितरण
बता दें कि यह महामुकाबला दो चरणों में खेला जा रहा है. पहला चरण (ओपन वर्ग) 16 मई से 20 मई तक चलेगा, जिसका महा-पुरस्कार वितरण समारोह 20 मई को शाम 3:30 बजे आयोजित होगा. इसके ठीक बाद 21 मई से 24 मई तक दूसरा चरण शुरू होगा, जिसमें 1800 से कम रेटिंग वाले खिलाड़ी अपना दमखम दिखाएंगे.
आयोजन को सफल बनाने में जुटी दिग्गजों की टीम
इस ऐतिहासिक आयोजन को सफल बनाने में मुख्य निर्णायक विशाल मिंज के साथ विक्रम कुमार, अनीस अंसारी, दामोदर कुमार, कुणाल कुमार, सौरभ कुमार, विनोद कुमार एवं रिंकी देवी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं. वहीं, पूरी व्यवस्था को सुदृढ़ रखने में एचडीसीए के अध्यक्ष विजय कुमार सिंह, सहसचिव बृजेश कुमार, सुमन जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजन शाह और कुश पांडे समेत पूरी आयोजन समिति निरंतर सक्रिय योगदान दे रही है.
