Palamu : पेयजल योजनाओं की धीमी प्रगति पर उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने सख्त रुख अपनाया है. एनआईसी सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने अभियंताओं और संवेदकों को साफ चेतावनी दी कि तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करें, अन्यथा कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहें. बैठक में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें सभी बीडीओ, सीओ, कनीय एवं सहायक अभियंता तथा मल्टी विलेज स्कीम (एमवीएस) से जुड़े संवेदक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए. उपायुक्त ने कहा कि हर घर तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना सरकार और जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

समीक्षा के दौरान कई योजनाओं की धीमी प्रगति उपायुक्त ने नाराजगी जताई
समीक्षा के दौरान कई योजनाओं की धीमी प्रगति पर उपायुक्त ने नाराजगी जताई. निमिया योजना से जुड़े संवेदक की बैठक में अनुपस्थिति और कार्य में लापरवाही को गंभीर मानते हुए शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया गया. वहीं मोहम्मदगंज, मनातू, पांकी और पिपरा प्रखंडों में जल गुणवत्ता जांच की बेहद धीमी रफ्तार पर संबंधित कनीय अभियंताओं को भी शोकॉज करने का आदेश दिया गया. बैठक में सामने आया कि मेदिनीनगर प्रमंडल में अब तक 53 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों तक फंक्शनल हाउसहोल्ड टैप कनेक्शन (एफएचटीसी) पहुंचाया जा चुका है. “हर घर जल” प्रमाणन के तहत 528 गांवों की रिपोर्ट भेजी गई है, जिनमें से 254 गांव पूरी तरह प्रमाणित हो चुके हैं.
छतरपुर जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा 90% पूरी 8110 घरों तक पहुंचा नल कनेक्शन
इसके अलावा छतरपुर ग्रामीण जलापूर्ति योजना में 98 प्रतिशत भौतिक प्रगति के साथ 8110 घरों तक नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाने की जानकारी दी गई, जबकि कौड़िया योजना के तहत अब तक 3709 घरों में कनेक्शन दिए जा चुके हैं. उपायुक्त ने चेनपुर, सोनपुरवा, पांशा-रामबांध, पोलपोल, लोइंगा और छतरपुर-नौडीहा बाजार-हरिहरगंज-पिपरा जैसी बड़ी मल्टी विलेज योजनाओं की भी समीक्षा की. उन्होंने लंबित एनओसी मामलों का शीघ्र समाधान करने, पाइपलाइन बिछाने और बिजली कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं को समन्वय के साथ दूर कर समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने का निर्देश दिया.
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