Ranchi: रांची में शिक्षा के अधिकार को मजबूत करने की दिशा में मंगलवार को महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली. निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के तहत निजी विद्यालयों की प्रवेश कक्षा में आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर नामांकन के लिए ऑनलाइन लॉटरी का आयोजन किया गया. इस प्रक्रिया के जरिए आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्ग के बच्चों का चयन किया गया. समाहरणालय में आयोजित ऑनलाइन लॉटरी पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली के तहत संपन्न हुई. अधिकारियों के अनुसार, सत्र 2026-27 के लिए जिले के 117 मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में कुल 1036 बच्चों का चयन किया गया है.

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अभिभावकों के चेहरे खिले
लॉटरी प्रक्रिया की शुरुआत उन आवेदनों से की गई जो संबंधित विद्यालयों के एक किलोमीटर के दायरे में आते थे. इस दौरान अतिकश कुमार का नाम सबसे पहले चयनित हुआ. चयन सूची जारी होते ही कई अभिभावकों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली, क्योंकि अब उनके बच्चों को निजी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पाने का अवसर मिलेगा. पूरे कार्यक्रम के दौरान रांची के अनुमंडल पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज मौजूद रहे. उनके समक्ष ऑनलाइन माध्यम से लॉटरी निकाली गई, जिसमें अभिभावकों और शिक्षा विभाग के कर्मियों ने भी भाग लिया. अधिकारियों ने कहा कि तकनीक आधारित इस व्यवस्था से चयन प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित हुई है और किसी प्रकार की मानवीय हस्तक्षेप की संभावना समाप्त हुई है. जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने बताया कि RTE अधिनियम का उद्देश्य समाज के कमजोर तबके के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना है. निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर दाखिला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि चयनित बच्चों के नामांकन की आगे की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि नए शैक्षणिक सत्र से पहले प्रवेश सुनिश्चित हो सके.
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