Ranchi : रांची नगर निगम अपने दुकानों से किराया वसूलने में पूरी तरह बेबस है. हालत यह है कि सिर्फ अपर बाजार और आसपास की 258 दुकानों पर ही 6 करोड़ 51 लाख रुपये से ज्यादा का बकाया हो चुका है. लेकिन दुकानदारों पर कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ नोटिसबाजी चल रही है.
करोड़ों रुपये दबाकर बैठें दुकानदार खुलेआम दुकान चला रहे हैं. और निगम की चेतावनियों को ठेंगा दिखा रहे हैं. कई दुकानदारों पर लाखों रुपये का बकाया है. फिर भी न दुकान सील हुई, न लाइसेंस रद्द हुआ और न ही कब्जा हटाने की कोई ठोस कार्रवाई दिखी. इससे निगम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. बता दें होल्डिंग टैक्स के मामले में निगम की कारवाई काफी सख्त होती है.

होल्डिंग टैक्स के मामले में तुरंत होती है कारवाई
आम जनता अगर होल्डिंग टैक्स जमा करने में देरी कर दंे तो निगम तुरंत नोटिस, जुर्माना और सीलिंग की कार्रवाई शुरू कर देता है. लेकिन जब मामला करोड़ों रुपये के किराये का आता है. तब निगम की सख्ती अचानक गायब हो जाती है. आखिर ऐसे बकायेदारों पर मेहरबानी क्यों?
करोड़ों रूपये बकाया
अपर बाजार जैसे व्यस्त कारोबारी इलाके में वर्षों से नगर निगम की दुकानें चल रही हैं. निगम के रिकॉर्ड में करोड़ों रुपये बकाया दर्ज हैं, फिर भी वसूली जमीन पर दिखाई नहीं दे रही. लगातार नोटिस देने के बावजूद किराया जमा नहीं होना इस बात का संकेत है कि या तो निगम की कार्रवाई का डर खत्म हो चुका है या फिर जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है.
छोटे दुकानदारों में आक्रोश
इसे लेकर छोटे दुकानदारों में आक्रोश है. छोटे दुकानदारों ने निगम से सवाल पूछते हुए कहा कि नगर निगम सिर्फ छोटे बकायेदारों पर ही ताकत दिखाता है. करोड़ों रुपये बकाया होने के बाद भी दुकानदारों पर आखिर इतनी नरमी क्यों. अगर यही हाल रहा तो नगर निगम की संपत्तियां कमाई का जरिया नहीं, बल्कि नुकसान का सौदा बन जाएंगी.
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