डॉक्टर विदेश में, कंपाउंडर चला रहे ऑपरेशन थिएटर, हजारीबाग के नर्सिंग होमों का काला सच

Hazaribagh: हजारीबाग में निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. जिले के कई नर्सिंग होमों पर...

Hazaribagh: हजारीबाग में निजी नर्सिंग होमों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है. जिले के कई नर्सिंग होमों पर बिना विशेषज्ञ डॉक्टरों के इलाज करने, अप्रशिक्षित स्टाफ से ऑपरेशन कराने और मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ करने के आरोप लग रहे हैं. बड़े-बड़े दावे और आधुनिक इलाज के विज्ञापनों के बीच कई नर्सिंग होमों में बदइंतजामी और लापरवाही की तस्वीरें सामने आ रही हैं. ताजा मामला जीवन अनमोल नर्सिंग होम का है, जहां एक नवजात की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर पैसे तो लिए गए, लेकिन समय पर सही चिकित्सा सुविधा नहीं मिली.

‘नाम बड़े, दर्शन छोटे’ वाले नर्सिंग होम

सूत्रों के मुताबिक, जिले के कई निजी नर्सिंग होमों में नामी डॉक्टरों के बोर्ड लगे हैं, लेकिन संबंधित डॉक्टर महीनों से शहर में मौजूद नहीं हैं. कहीं डॉक्टर दूसरे शहरों में हैं तो कहीं विदेश में. आरोप है कि उनकी अनुपस्थिति में कंपाउंडर और अप्रशिक्षित स्टाफ ऑपरेशन थिएटर तक संभाल रहे हैं. बीते एक महीने में डिलीवरी के दौरान मौत, गलत दवा देने और किडनी फेल होने जैसे कई गंभीर मामले सामने आ चुके हैं. इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई अब तक कागजी जांच तक सीमित बताई जा रही है.

“मां जिंदगी से लड़ती रही, मासूम हार गया”

ओकनी रोड स्थित जीवन अनमोल नर्सिंग होम में टंडवा से डिलीवरी के लिए लाई गई महिला की हालत ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक ब्लीडिंग के बाद बिगड़ गई. परिजनों का आरोप है कि अस्पताल ने महिला को रेफर कर अपनी जिम्मेदारी खत्म कर ली, जबकि नवजात का इलाज चलता रहा. बाद में नवजात की मौत हो गई.

30 साल की उम्र में गई जान

केरेडारी की 30 वर्षीय मसोमात देवयंती देवी को 14 मई को एजेंट के माध्यम से हेल्थ केयर नर्सिंग होम लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि मामूली इलाज के नाम पर महिला की बच्चेदानी निकाल दी गई. ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ने पर उसे रेफर किया गया, लेकिन रांची ले जाने के दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों ने नर्सिंग होम में हंगामा किया. आरोप है कि बाद में समझौते के जरिए मामला शांत करा दिया गया.

गलत दवा देने का आरोप

राजा बंगला रोड स्थित यूनिक नर्सिंग होम में इचाक की एक महिला की इलाज के दौरान कथित रूप से गलत दवा देने से मौत हो गई थी. घटना के बाद परिजनों ने जिला बोर्ड चौक जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और नर्सिंग होम प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया.

किडनी फेल होने के बाद महिला की मौत

बस स्टैंड स्थित बीडीएम नर्सिंग होम में भी डिलीवरी के दौरान लापरवाही का आरोप लगा है. परिजनों का कहना है कि महिला को ओवरडोज दवा दी गई, जिससे उसकी दोनों किडनी फेल हो गईं. हालत बिगड़ने पर उसे रेफर कर दिया गया. बाद में इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई. मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो निजी नर्सिंग होमों की मनमानी यूं ही जारी रहेगी.

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