नेचुरल या केमिकल गुलाल ?3 स्टेप्स में पहचानें

  News Desk:होली रंगों और खुशियों का त्योहार है ,लेकिन केमिकल वाले रंग त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते है .इसलिए...

 

News Desk:होली रंगों और खुशियों का त्योहार है ,लेकिन केमिकल वाले रंग त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते है .इसलिए यह जानना जरूरी है कि जो गुलाल आप खरीद रहे हैं,वह नेचुरल है या टॉक्सिक. नेचुरल और नकली रंग का फर्क पहचानना आसान है.

इन 3 सरल ट्रिक्स से आप तुरंत असली और नकली रंगों की पहचान कर सकते है:

टेक्सचर से करे गुलाल की पहचान 

नेचुरल गुलाल हमेशा मुलायम होता है और उंगलियों में रगड़ने पर सॉफ्ट लगता है. वहीं दूसरी ओर अगर गुलाल खुरदरा , रेत जैसा या चमक वाले कणों वाला हो,तो वह टॉक्सिक हो सकता है.

पानी से करे टेस्ट 

  • गुलाल पानी में आसानी से घुल जाए और रंग हल्का रहे-नेचुरल
  • नीचे जम जाए-केमिकल

स्किन पर टेस्ट 

गुलाल को पहले अपनी कलाई या हाथ के पीछे हल्का लगाकर देखें.अगर खुजली ,या जलन या लाल चकते आए ,तो वह सेफ़ नहीं है.

होली में सुरक्षित रंगों की पहचान:खुशबू से जानें नेचुरल और केमिकल गुलाल 

होली का त्योहार रंग और खुशियों से भरा होता है,लेकिन बाजार में मिलने वाले कई रंग त्वचा और आंखों के लिए हानिकारक हो सकते हैं.एक्सपर्ट्स कहते है कि नेचुरल गुलाल में हल्की ,मीठी खुशबू आती है,जैसे फूल ,हल्दी या चंदन से बना हो.वही टॉक्सिक और केमिकल रंग तेज और अजीब महक वाले होते है.

इस होली हर्बल और सर्टिफाइड रंगों को ही चुने और खेलने से पहले इन आसान तरीके से असली और नकली रंग की पहचान करें.

 

Disclaimer: ये 3 तरीके 100% सटीक नहीं ही सकते है .सिर्फ मदद के लिए हैं.स्किन की सुरक्षा के लिए एक्सपर्ट्स से सलाह ले और सिर्फ सर्टिफाइड हर्बल रंग ही इस्तेमाल करें.

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