Gumla:झारखंड शिक्षा परियोजना गुमला द्वारा जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में 19 मई से 21 मई 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय समर कैंप का गुरुवार को उत्साहपूर्ण वातावरण में सफल समापन हुआ. समर कैंप के दौरान जिले भर के विद्यालयों में बच्चों ने खेल, कला, संस्कृति, संगीत, भाषा एवं रचनात्मक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर भाग लिया. विद्यालय परिसर तीन दिनों तक बच्चों की हंसी, उमंग और रचनात्मकता से सराबोर रहे.

समर कैंप के अंतिम दिन में सभी को प्रभावित किया
आज समर कैंप के अंतिम दिन विभिन्न विद्यालयों में गीत-संगीत, नृत्य, कविता पाठ, लोकगीत, लोकनृत्य, चित्रकला, हस्तकला, कहानी लेखन, प्रश्नोत्तरी, पारंपरिक खेल, योग एवं फिटनेस गतिविधियों का आयोजन किया गया. बच्चों ने मिट्टी, कागज एवं स्थानीय संसाधनों से आकर्षक कलाकृतियां तैयार कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. कई विद्यालयों में विद्यार्थियों ने स्थानीय एवं जनजातीय भाषाओं में संवाद, रोल प्ले और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी को प्रभावित किया. कैंप के दौरान बच्चों ने कबड्डी, खो-खो, दौड़, रस्सीकूद, गिल्ली-डंडा, कैरम, शतरंज एवं अन्य मनोरंजक खेलों में भी उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यालयों में बच्चों के लिए आनंदमय एवं तनावमुक्त वातावरण तैयार किया गया, जिससे बच्चों ने सीखने के साथ-साथ भरपूर मस्ती भी की.
भोजन एवं अल्पाहार की व्यवस्था
अनेक विद्यालयों में बच्चों के लिए विशेष भोजन एवं अल्पाहार की भी व्यवस्था की गई. कहीं बच्चों को खीर, पुलाव, फल एवं स्थानीय व्यंजन परोसे गए तो कहीं सामूहिक भोज के माध्यम से बच्चों में उत्साह और अपनापन का वातावरण देखने को मिला. समर कैंप के समापन अवसर पर शिक्षकों ने बच्चों को ग्रीष्मावकाश के दौरान नियमित अध्ययन से जुड़े रहने के लिए गृहकार्य एवं गतिविधि आधारित कार्य दिए गए. साथ ही उपायुक्त के आदेशानुसार विशेष रूप से कक्षा 9 से 12 के बच्चों को विषयवार गृहकार्य कार्य भी दिए गए ताकि अवकाश के दौरान भी पढ़ाई एवं आगामी वर्ष के बोर्ड परीक्षा तैयारी निरंतर जारी रहे.
उपायुक्त ने बच्चों को दिया संदेश
इस अवसर पर उपायुक्त गुमला श्री दिलेश्वर महतो ने बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि ग्रीष्मावकाश केवल आराम का समय नहीं, बल्कि नई चीजें सीखने, अपनी प्रतिभा को निखारने और परिवार एवं समाज से जुड़ने का अवसर भी है. उन्होंने बच्चों से प्रतिदिन कुछ समय पढ़ाई, पुस्तक पठन, खेलकूद एवं रचनात्मक कार्यों के लिए निकालने की अपील की. उपायुक्त ने कहा कि बच्चे मोबाइल पर समय व्यर्थ करने के बजाय अपने आसपास के वातावरण, प्रकृति एवं स्थानीय संस्कृति को समझने का प्रयास करें तथा अवकाश का सदुपयोग करें. उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से भी बच्चों को सकारात्मक वातावरण देने तथा उनकी जिज्ञासा एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की अपील की.
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