मुंबई के महिला हॉस्टल मॉडल से प्रभावित हुईं कल्पना मुर्मू सोरेन, झारखंड में भी ऐसी व्यवस्था की बताई जरूरत

Ranchi/Mumbai: महानगर मुंबई में कार्यरत महिलाओं और घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही छात्राओं के लिए सरकार के सहयोग से संचालित...

Ranchi/Mumbai: महानगर मुंबई में कार्यरत महिलाओं और घर से दूर रहकर पढ़ाई कर रही छात्राओं के लिए सरकार के सहयोग से संचालित महिला हॉस्टलों का अवलोकन करने के बाद कल्पना मुर्मू सोरेन ने इसे बेहद प्रेरणादायक और अनुकरणीय पहल बताया है.

उन्होंने कहा कि आज के दौर में बढ़ती महंगाई, सुरक्षित आवास की कमी और परिवार से दूर रहने की चुनौतियों के बीच ऐसे हॉस्टल हजारों महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षा, सहारा और आत्मविश्वास का केंद्र बन रहे हैं.

महिलाओं की सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन पर जोर

उन्होंने कहा कि मुंबई में पिछले कुछ वर्षों के दौरान महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन को ध्यान में रखते हुए महिला हॉस्टलों के क्षेत्र में कई प्रभावी पहल की गई हैं.

इन हॉस्टलों की सुव्यवस्थित व्यवस्था, सुरक्षित वातावरण और बेहतर संचालन तंत्र यह दर्शाता है कि यदि इच्छाशक्ति हो तो महिलाओं के लिए बेहतर सामाजिक ढांचा तैयार किया जा सकता है.

झारखंड में भी ऐसी सुविधाओं की जरूरत

कल्पना मुर्मू सोरेन ने कहा कि झारखंड जैसे राज्यों में भी इस प्रकार की सुविधाओं की बेहद आवश्यकता है, खासकर उन बेटियों और महिलाओं के लिए जो उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या रोजगार के सिलसिले में अपने घरों से दूर रहती हैं. सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध होने से न सिर्फ उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे अपने सपनों को भी मजबूती के साथ पूरा कर सकेंगी.

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महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

उन्होंने कहा कि यदि सरकार, सामाजिक संस्थाएं और उद्योग जगत मिलकर महिलाओं के लिए सुरक्षित, सस्ती और सुव्यवस्थित हॉस्टलों का व्यापक नेटवर्क विकसित करें, तो यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम साबित होगा. इससे महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ सम्मान और सुरक्षा के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा.

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