Ranchi: राजधानी के कडरू स्थित डीएवी कपिलदेव स्कूल स्कूल के पूर्व प्राचार्य मनोज कुमार सिन्हा से जुड़े तीन साल पुराने छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न मामले में अदालत ने उन्हें तील की सजा और दस हजार जुर्माना लगाया है. अपर न्यायायुक्त अरविंद कुमार नंबर-2 की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया है. आरोपी न्यायिक हिरासत में रहते हुए ट्रायल फेस कर रहा है. मामला मई 2022 का है.

आरोपी पर गंभीर आरोप
अरगोड़ा थाना में दर्ज प्राथमिकी में पीड़िता ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल एमके सिंहा बीपी चेक कराने के बहाने उन्हें अपने कमरे में बुलाते थे और अश्लील हरकत करते हुए शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाते थे. प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एमके सिंहा फरार हो गए थे.
हाईकोर्ट से मिली जमानत और बाद में रद्द
पुलिस ने चार दिन बाद जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया था. मामले में 18 जनवरी 2025 को आरोप गठित किया गया था. बाद में 21 नवंबर 2022 को झारखंड हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी. हालांकि पीड़िता की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 20 जून 2025 को जमानत रद्द कर दी थी. उसके खिलाफ एमके सिन्हा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिका खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा और एक सप्ताह के भीतर निचली अदालत में सरेंडर करने का निर्देश दिया था. इसके बाद से वह जेल में बंद हैं.
