24 घंटे बिजली नहीं, सिर्फ दावे: हजारीबाग चेंबर का फूटा गुस्सा, मुख्यमंत्री को भेजा ‘त्राहिमाम पत्र’

Hazaribagh:जिले भर में लगातार चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर अब व्यापारिक संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है. हजारीबाग चेंबर ऑफ...

Hazaribagh:जिले भर में लगातार चरमराई विद्युत व्यवस्था को लेकर अब व्यापारिक संगठनों का आक्रोश खुलकर सामने आने लगा है. हजारीबाग चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज ने राज्य के मुख्यमंत्री को एक “त्राहिमाम पत्र” भेजते हुए जिले में अविलंब 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है. चेंबर के अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल एवं सचिव विजय केसरी ने कहा कि जिले में बाधित बिजली आपूर्ति के कारण छोटे-बड़े उद्योगों का उत्पादन लगभग ठप हो चुका है और व्यवसायियों की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है.

“18 से 20 घंटे बिजली” का दावा पूरी तरह गलत :चेंबर

चेंबर ने अपने पत्र में बिजली विभाग के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग जहां प्रतिदिन 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा कर रहा है, वहीं जमीनी हकीकत यह है कि कई इलाकों में लोगों को मुश्किल से 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल पा रही है. व्यापारियों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच लगातार बिजली कटौती से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दुकानों में ग्राहक परेशान हैं, जबकि व्यवसायियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है.

उद्योगों की कमर टूटी, कारोबारियों के सामने संकट

चेंबर ने कहा कि हजारीबाग जिले के लघु एवं मध्यम उद्योग पहले से आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. अब अनियमित बिजली आपूर्ति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है. व्यवसायियों के अनुसार अधिकांश व्यापारिक गतिविधियां बिजली आधारित हो चुकी हैं. माप-तौल के उपकरणों से लेकर बिलिंग मशीन और अन्य संसाधन बिजली पर निर्भर हैं. ऐसे में घंटों बिजली गायब रहने से व्यापार प्रभावित हो रहा है.

सरकार के 24 घंटे बिजली वाले वादे पर सवाल

चेंबर ने राज्य सरकार के चुनावी वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राज्यवासियों को 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की गई थी, लेकिन सरकार गठन के बाद एक भी दिन ऐसी व्यवस्था लागू नहीं हो सकी. चेंबर ने यह भी कहा कि झारखंड के अन्य जिलों की तुलना में हजारीबाग जिले में बिजली बिल भुगतान की स्थिति काफी बेहतर है, बावजूद इसके यहां के उपभोक्ताओं को पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है.

छात्रों की पढ़ाई और अस्पतालों पर भी असर

लगातार बिजली संकट का असर छात्रों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा है. ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. चेंबर ने यह भी उल्लेख किया कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के बीच बिजली संकट ने छात्रों की तैयारी प्रभावित कर दी है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों से ऐसी खबरें भी सामने आई हैं कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में टॉर्च की रोशनी में मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है.

खराब ट्रांसफार्मर बने बड़ी समस्या

चेंबर के अनुसार नगर क्षेत्र में कई ट्रांसफार्मर वर्षों से खराब पड़े हैं, जिनकी मरम्मत तक नहीं कराई गई. एक ट्रांसफार्मर पर कई क्षेत्रों का लोड डालने के कारण लगातार ओवरलोडिंग और लोडशेडिंग की स्थिति बनी हुई है. इसी वजह से शॉर्ट सर्किट और तकनीकी खराबियों की घटनाएं भी बढ़ रही हैं.

सांसद और विधायक से शिकायत के बाद भी नहीं सुधरी स्थिति

चेंबर ने बताया कि जिले के सांसद मनीष जायसवाल और सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी बिजली संकट को लेकर विद्युत अधिकारियों से मुलाकात की थी. अधिकारियों ने 24 घंटे बिजली देने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन वह केवल एक-दो दिनों तक ही धरातल पर दिखा. इसके बाद स्थिति फिर से बदतर होती चली गई.

चेंबर की चेतावनी : नहीं सुधरी व्यवस्था तो होगा आंदोलन

चेंबर अध्यक्ष राजकुमार जैन टोंग्या, संस्थापक अध्यक्ष राजेंद्र लाल और सचिव विजय केसरी ने मुख्यमंत्री से हजारीबाग जिले में अविलंब 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है.उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो हजारीबाग चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के नेतृत्व में अहिंसक आंदोलन, धरना और बंद जैसे कदम उठाए जाएंगे.

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