NewsWave Desk: भारत की युवा आबादी अब सिर्फ घरेलू श्रम बाजार का हिस्सा नहीं है, बल्कि वह आने वाले चार दशकों की वैश्विक विकास (ग्लोबल ग्रोथ) की सबसे बड़ी ड्राइवर बनने जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आयोजित 19वें राष्ट्रीय रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी विभागों के अपॉइंटमेंट लेटर सौंपते हुए यह हुंकार भरी.

गृह मंत्रालय, रेलवे, स्वास्थ्य और वित्तीय सेवाओं जैसे कोर सेक्टर्स में युवाओं को मिली ये नियुक्तियां ऐसे समय पर आई हैं, जब पीएम मोदी पांच देशों की अपनी हाई-प्रोफाइल यात्रा पूरी कर लौटे हैं. देश के 47 शहरों में एक साथ आयोजित इस मेले में पीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए युवाओं से सीधा संवाद किया और वैश्विक मंच पर भारत की बदलती साख का एक नया एंगल देश के सामने रखा.
अगले 40 साल की ग्लोबल ग्रोथ तय करेगा भारत का यूथ
अपनी हालिया विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया की दिग्गज कंपनियों के लीडर्स आज भारत की तकनीकी प्रगति और यहां के युवाओं के टैलेंट को लेकर अभूतपूर्व रूप से उत्साहित हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए पीएम ने साफ किया कि सरकार का विजन सिर्फ नौकरी देना नहीं, बल्कि युवाओं के कंधों को इतना मजबूत करना है कि वे विकसित भारत के संकल्प को सच कर सकें.
12 लाख नियुक्तियों का मील का पत्थर
अक्टूबर 2022 में जिस रोजगार मेले की शुरुआत युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां देने के संकल्प के साथ हुई थी, उसने अब 12 लाख के आंकड़े को पार कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है. 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले 12वें मेले में जहां रिकॉर्ड 1 लाख लेटर बांटे गए थे, वहीं पिछले 18वें मेले में 61 हजार युवाओं को नौकरियां मिली थीं.
इस पूरी यात्रा का सबसे खूबसूरत पहलू नारी शक्ति का उदय रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश के स्टार्टअप्स में महिला डायरेक्टर्स की संख्या में तेज बढ़ोतरी हुई है और महिला स्वरोजगार की दर में 15 फीसदी का शानदार उछाल देखा गया है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी लीड कर रहा है.
