Ranchi: केंद्र सरकार के रोजगार मेलों को लेकर कांग्रेस ने इसे महज “इवेंट मैनेजमेंट” करार दिया है. पार्टी का कहना है कि देश का युवा अब कैमरे के सामने बांटे जाने वाले नियुक्ति पत्रों की तस्वीरें नहीं, बल्कि वास्तविक, स्थायी और सम्मानजनक रोजगार चाहता है.

प्रदेश कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने केंद्र सरकार की नीतियों को कटघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या बन चुकी है, लेकिन सरकार समाधान निकालने के बजाय आत्मप्रचार में व्यस्त है. उनके अनुसार सरकार के दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है. कांग्रेस ने रोजगार मेलों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सिर्फ दिखावे की कवायद बनकर रह गया है. पार्टी का आरोप है कि इससे युवाओं को स्थायी रोजगार नहीं मिल पा रहा है.
बेरोजगारी के आंकड़ों का हवाला
राकेश सिन्हा ने सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनमी (CMIE) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में बेरोजगारी दर लगातार 7 से 8 प्रतिशत के बीच बनी हुई है, जो चिंताजनक है. युवाओं में यह स्थिति और गंभीर है.
युवाओं के आंदोलन पर सवाल
उन्होंने कहा कि यदि रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं तो लाखों युवा परीक्षाओं और पारदर्शी भर्ती की मांग को लेकर सड़कों पर आंदोलन क्यों कर रहे हैं. दो करोड़ सालाना रोजगार के वादे के हिसाब से अब तक करोड़ों नौकरियां मिल जानी चाहिए थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ.
खाली पदों को भरने की मांग
कांग्रेस ने मांग की है कि सरकार युवाओं को खोखले भाषणों और प्रचार से भ्रमित करना बंद करे. साथ ही नए उद्योगों की स्थापना, निवेश बढ़ाने और सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को पारदर्शी तरीके से भरने की मांग की गई है, ताकि युवाओं को वास्तविक राहत मिल सके.
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