Chatra: बुनियादी सुविधाओं की मांग को लेकर लावालौंग के ग्रामीणों का आक्रोश बुधवार को प्रखंड मुख्यालय में फूट पड़ा. सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाओं से वर्षों से वंचित मीणों ने एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन, स्थानीय विधायक और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने 15 अगस्त तक मांगें पूरी नहीं होने पर भूख हड़ताल, उग्र आंदोलन और वोट बहिष्कार की चेतावनी दी.
चुनाव समाप्त होते ही जनप्रतिनिधियों ध्यान नहीं देते- ग्रामीण
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान सड़क निर्माण, बिजली और संचार सुविधा उपलब्ध कराने के बड़े-बड़े वादे किए गए थे, लेकिन चुनाव समाप्त होते ही जनप्रतिनिधियों ने क्षेत्र की ओर ध्यान नहीं दिया. उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन सौंपने और वोट बहिष्कार जैसे आंदोलनों के बावजूद सरकार और प्रशासन ने कोई ठोस पहल नहीं की.
धरना में शामिल लोगों ने लावालौंग–पांकी सड़क निर्माण को क्षेत्र की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि जर्जर सड़क के कारण बरसात में क्षेत्र का संपर्क कट जाता है. इससे मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है, विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है और ग्रामीणों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. वहीं मोबाइल नेटवर्क और बिजली की खराब व्यवस्था ने लोगों की समस्याएं और बढ़ा दी हैं.
“सांसद होश में आओ”, “विधायक होश में आओ”
धरना के दौरान “सांसद होश में आओ”, “विधायक होश में आओ” और “झूठे वादे बंद करो” जैसे नारों से प्रखंड मुख्यालय गूंज उठा. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट कहा कि यदि 15 अगस्त तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी.धरना-प्रदर्शन में शंकर साहू, महमूद खान, नेमन भारती, छठू सिंह भोक्ता, सरजू यादव, भोला राम, मुकेश यादव, अंशु यादव सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.
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