NewsWave Desk : पिछले दिनों जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों को पाकिस्तानी Gen Z ग्रुप के छात्रों ने समर्थन दिया. इस पर विदेश मंत्रालय ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसे मुद्दों पर ध्यान देेने के बजाय पाकिस्तान को चाहिये कि वो सीमा पर आंतकवाद पर ध्यान दें. प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने कहा कि भारतीय काफी समय से मांग कर रहे है कि पाकिस्तान सीमा पार आंतकवाद को बंद करें. भारत को उम्मीद है कि पाकिस्तान के युवा भी इस पर ध्यान दे रहे होंगे. जानकारी हो कि हाल के दिनों में दिल्ली समेत देश के अन्य हिस्सों में पेपर लीक मामले में हुए प्रदर्शन पर पाकिस्तानी युवाओं ने भारतीय प्रदर्शनकारियों के समर्थन को लेकर सवाल पूछा था. पाकिस्तानी युवाओं ने सोशल मीडिया में इस पर सवाल पूछा था. हालांकि पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने इस मामले में कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया था.
पाकिस्तान का रिकॉर्ड साझा विरासत के दावों को कमजोर करता है
इस दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता को लेकर पाकिस्तान के दावे कमजोर लगते है. आतंकवाद और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के मामले में पाकिस्तान का रिकॉर्ड ऐसे दावों को और भी कमजोर करता है. उन्होंने कहा कि मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि एक ऐसा देश जो दशकों से सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है, जो धार्मिक कट्टरता और हिंसा को समर्थन देता है. वह किसी भी बहुलतावादी सांस्कृतिक विरासत पर दावा नहीं कर सकता. अल्पसंख्यकों और उनके सांस्कृतिक अधिकारों की सुरक्षा के मामले में उसका खराब रिकॉर्ड ऐसे दावों को केवल दिखावटी बनाता है.
