Hazaribagh : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत हजारीबाग जिले में निकाली गई संविदा आधारित भर्ती प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है. जिला विकास समन्वय और मूल्यांकन समिति (DISHA) के मनोनीत सदस्य रमेश कुमार हेम्ब्रम ने उपायुक्त सह अध्यक्ष, जिला स्वास्थ्य समिति, हजारीबाग को पत्र भेजकर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर के उल्लंघन का आरोप लगाया है. उन्होंने चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, उच्चस्तरीय जांच कराने और आरक्षण नियमों के अनुरूप संशोधित या पुनः विज्ञापन जारी करने की मांग की है.
विज्ञापन संख्या 01 (DHS/HZB/2026) पर उठाए सवाल
28 जुलाई 2026 को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि जिला स्वास्थ्य समिति, हजारीबाग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत विभिन्न संविदा पदों, जैसे ANM, स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, काउंसलर, फार्मासिस्ट आदि की नियुक्ति के लिए विज्ञापन संख्या-01 (DHS/HZB/2026) जारी किया गया है. पत्र के अनुसार विज्ञापन का अध्ययन करने पर राज्य सरकार के आरक्षण नियमों और संवैधानिक प्रावधानों की अनदेखी सामने आई है.
एसटी अभ्यर्थियों के अधिकारों की अनदेखी का आरोप
पत्र में आरोप लगाया गया है कि झारखंड राज्य और केंद्र सरकार के आरक्षण प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के लिए निर्धारित आरक्षण का स्पष्ट रूप से पालन नहीं किया गया है. विशेष रूप से कहा गया है कि हजारीबाग जिले के लिए निर्धारित 4 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के बावजूद जारी विज्ञापन में ST वर्ग के लिए एक भी पद आरक्षित नहीं किया गया, जो नियमों का उल्लंघन है.
संवैधानिक अधिकार प्रभावित होने की बात
रमेश कुमार हेम्ब्रम ने कहा है कि इस विसंगति के कारण जिले के योग्य और शिक्षित अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थी आवेदन करने और नियुक्ति पाने के अपने संवैधानिक और वैधानिक अधिकार से वंचित हो सकते हैं. उन्होंने इसे समान अवसर के सिद्धांत के विरुद्ध बताया है. पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि आरक्षण रोस्टर का सही तरीके से पालन नहीं किया गया तो पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े होंगे. इससे स्थानीय जनजातीय युवाओं में असंतोष बढ़ने की आशंका भी जताई गई है.
ये की गई प्रमुख मांगें
मनोनीत सदस्य ने DC से मांग की है कि विज्ञापन संख्या 01 (DHS/HZB/2026) के तहत चल रही चयन प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए. पूरे मामले की उच्चस्तरीय प्रशासनिक जांच कराई जाए. आरक्षण रोस्टर का पुनः परीक्षण कर नियमों के अनुरूप संशोधित विज्ञापन अथवा नया विज्ञापन जारी किया जाए. अनुसूचित जनजाति अभ्यर्थियों के लिए निर्धारित आरक्षण सुनिश्चित किया जाए. इस पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग, मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग के सचिव, प्रमंडलीय आयुक्त उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल और हजारीबाग के सिविल सर्जन सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है.
