Ranchi: देवाधिदेव महादेव की आराधना के सबसे पवित्र मास सावन का शुभारंभ हो चुका है. इसके साथ ही झारखंड की पावन धरती पर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम और बाबा बासुकीनाथ धाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर शुभकामना देते हुए कहा कि राजकीय श्रावणी मेला 2026 का भव्य शुभारंभ बुधवार से हो गया है. बाबा के दरबार में आने वाले सभी कांवरियों और श्रद्धालुओं का अभिनंदन एवं जोहार. सुल्तानगंज से देवघर तक का 105 किलोमीटर लंबा कांवरिया पथ इस समय बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयघोष से गूंज रहा है. केसरिया वस्त्रों में रंगे शिवभक्तों की नंगे पांव लंबी कतारें सनातन संस्कृति के इस अनुपम उत्सव को और भी दिव्य बना रही हैं.
श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या का अनुमान, सुरक्षा और सुविधा के व्यापक इंतजाम
पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष लगभग 53 लाख श्रद्धालुओं ने सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक किया था. इस वर्ष यह आंकड़ा पार कर 55 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है. इतनी विशाल संख्या में आने वाले शिवभक्तों की सुविधा के लिए राज्य सरकार और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, स्वच्छता और यातायात के पुख्ता इंतजाम किए हैं. सावन माह का सफल आयोजन महादेव की कृपा से ही संभव होता है, और प्रशासन केवल उनके निमित्त एक माध्यम है. सरकार का पूरा प्रयास है कि हर श्रद्धालु देवघर से एक अलौकिक और सुखद अनुभव लेकर लौटे.
मुख्यमंत्री की सीधी मॉनिटरिंग और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं इस ऐतिहासिक मेले की तैयारियों पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं. इस वर्ष मेले को पिछले सभी संस्करणों से अधिक भव्य और सुव्यवस्थित रूप दिया गया है. प्रशासन के साथ-साथ सरकार ने सभी श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों से एक विशेष अपील की है कि वे इस पवित्र मेले को प्लास्टिक-मुक्त और नशामुक्त बनाने में अपना पूरा सहयोग दें. मंदिर परिसर और आसपास पूजा सामग्री के लिए प्लास्टिक के बजाय पर्यावरण अनुकूल सामग्री के उपयोग पर विशेष बल दिया जा रहा है.
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