गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य आयोजन, गुरु के आदर्शों पर चलने का दिया संदेश

Lohardaga: गुरु पूर्णिमा एवं आदिकवि महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर लोहरदगा स्थित सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और...

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गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास जयंती पर सरस्वती शिशु मंदिर में भव्य आयोजन

Lohardaga: गुरु पूर्णिमा एवं आदिकवि महर्षि वेदव्यास जयंती के अवसर पर लोहरदगा स्थित सुंदरी देवी सरस्वती शिशु मंदिर में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महर्षि वेदव्यास के अतुलनीय योगदान को स्मरण किया गया.

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना से हुआ. इसके बाद विद्यालय परिवार एवं अतिथियों ने महर्षि वेदव्यास के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. वक्ताओं ने कहा कि महर्षि वेदव्यास ने वेदों का संकलन कर मानव समाज को अमूल्य ज्ञान प्रदान किया तथा महाभारत और पुराणों जैसे महान ग्रंथों की रचना कर भारतीय संस्कृति को समृद्ध किया. उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति कृतज्ञता और सम्मान प्रकट करने का अवसर है. इस अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. शशिधर लाल अग्रवाल, सचिव अजय प्रसाद, उपाध्यक्ष विनोद राय, समिति सदस्य जीतराम बड़ाईक, संकुल प्रमुख संजीव झा, विद्यालय के प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे सहित सभी आचार्य बंधु-भगिनी उपस्थित रहे.

प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने कहा…

प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने कहा कि गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, समर्पण, संस्कार और कृतज्ञता का पावन उत्सव है. उन्होंने कहा कि गुरु अपने शिष्य के जीवन को सही दिशा देने का कार्य करते हैं और समाज निर्माण में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. उन्होंने विद्यार्थियों से गुरुजनों के बताए मार्ग पर चलने, अनुशासन का पालन करने तथा अपने जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करने का आह्वान किया. कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के भैया-बहनों ने गुरु महिमा पर आधारित गीत, भक्ति संगीत एवं सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया. रंगारंग प्रस्तुतियों की उपस्थित लोगों ने सराहना की.

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने आभार किया व्यक्त 

आचार्य रवि रंजन ने गुरु भक्ति से जुड़ी प्रेरक कथाओं के माध्यम से विद्यार्थियों को बताया कि गुरु का सम्मान करने वाला व्यक्ति जीवन में सदैव सफलता प्राप्त करता है. उन्होंने कहा कि गुरु केवल शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित करते हैं. विद्यार्थियों से उन्होंने ईमानदारी, अनुशासन और सेवा भाव को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की. विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. शशिधर लाल अग्रवाल ने सभी आचार्य बंधु-भगिनी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं देते हुए उनके समर्पण और शिक्षण कार्य की सराहना की. उन्होंने कहा कि शिक्षक ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं, जिनके हाथों में आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित होता है.

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य सुरेश चंद्र पांडे ने सभी अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया. धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. पूरे आयोजन में श्रद्धा, भक्ति और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली.

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