Balumath: बालूमाथ क्षेत्र में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं, धूल-धक्कड़ और भारी वाहनों की आवाजाही से परेशान लोगों ने अब इस मुद्दे को लेकर हाई कोर्ट जाने का फैसला किया है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि DVC और कोल माइंस से जुड़े हाइवा वाहन दिन-रात बेलगाम रफ्तार से सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे आम लोगों का जीवन खतरे में पड़ गया है.

स्कूली बच्चे, किसान और व्यापारी सबसे ज्यादा प्रभावित
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं के साथ-साथ धूल प्रदूषण से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. स्कूल जाने वाले बच्चे डर के माहौल में सड़क पार करते हैं, बुजुर्ग घर से निकलने में घबराते हैं और किसान फसल व पशुधन को बचाने के लिए परेशान हैं. वहीं बाजार क्षेत्र में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है.
दिन में भारी वाहनों पर रोक लगाने की मांग
लोगों का कहना है कि कई बार आवेदन देने और विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद प्रशासन और संबंधित कंपनियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. जनता की मांग है कि कम-से-कम दिन के समय भारी वाहनों के परिचालन पर रोक लगाई जाए, ताकि बाजार, स्कूली बच्चे और आम नागरिक सुरक्षित रह सकें.
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संविधान के अनुच्छेद 21 का दिया गया हवाला
आंदोलन से जुड़े लोगों ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 21 प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित वातावरण, स्वच्छ हवा और भयमुक्त जीवन का अधिकार देता है, लेकिन बालूमाथ की जनता से यह अधिकार धीरे-धीरे छीना जा रहा है. इसी को लेकर अब तमाम प्रमाणों और गवाहों के साथ मामले को हाई कोर्ट ले जाने की तैयारी की जा रही है.
जनता से आंदोलन में सहयोग की अपील
आंदोलनकारियों ने ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों, युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों से इस जनहित आंदोलन में भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है. साथ ही लोगों से स्वेच्छा से सहयोग और चंदा देकर इस मुहिम को मजबूत बनाने की बात कही गई है.
