रांची : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. इसी बीच झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने उन्हें नसीहत देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़कर राज्यसभा जाना एक आत्मघाती राजनीतिक फैसला हो सकता है. उन्होंने कहा कि यह निर्णय सभी के लिए आश्चर्यजनक और चिंताजनक है.

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क्या किसी राजनीतिक दबाव में लिया जा रहा है फैसला.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन सी परिस्थितियां उत्पन्न हो गईं कि मुख्यमंत्री को यह निर्णय लेना पड़ रहा है. उन्होंने पूछा कि क्या उन पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव बनाया जा रहा है या उन्हें मजबूर किया जा रहा है. यदि ऐसा है तो यह केवल एक नेता का मामला नहीं बल्कि लोकतंत्र की भावना के लिए भी गंभीर विषय है. उन्होंने कहा कि एक अनुभवी और दूरदर्शी नेता के रूप में लोगों को उनसे हमेशा स्थिरता और साहस की उम्मीद रही है. यदि नेतृत्व परिवर्तन करना ही था तो उनके पास कई विकल्प मौजूद थे. वे अपने किसी उत्तराधिकारी को आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री या उपमुख्यमंत्री बना सकते थे और स्वयं मार्गदर्शक की भूमिका निभा सकते थे.
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फैसले से पूरे देश की राजनीति में हलचल.
मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि यह फैसला केवल बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड समेत पूरे देश की राजनीति को चौंकाने वाला है. उन्होंने नीतीश कुमार से अपील करते हुए कहा कि वे अपने इस निर्णय पर एक बार पुनर्विचार करें. उन्होंने कहा कि किसी भी तरह के दबाव या प्रेशर के सामने झुकना उनके व्यक्तित्व के अनुरूप नहीं है. लोकतंत्र में संवाद और सहयोग का मार्ग हमेशा खुला रहता है. यदि किसी प्रकार की राजनीतिक प्रताड़ना हो रही है तो उन्हें खुलकर सामने आना चाहिए. उन्होंने कहा कि देश की जनता और लोकतांत्रिक ताकतें उनके साथ खड़ी हैं. ऐसे समय में साहस के साथ लिया गया निर्णय ही सच्चे नेतृत्व की पहचान बनता है और इतिहास भी उसी का सम्मान करता है जो दबाव में नहीं बल्कि अपने विवेक से फैसला लेता है.

