बोकारो थर्मल में रेलवे ओवरब्रिज खोलने और बंद करने का हाई वोल्टेज ड्रामा, जनता के आक्रोश के आगे झुका डीवीसी प्रबंधन

Bermo: 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग दस वर्षों में निर्मित डीवीसी के रेलवे ओवरब्रिज को लेकर मंगलवार को बोकारो थर्मल...

Bermo: 150 करोड़ रुपये की लागत से लगभग दस वर्षों में निर्मित डीवीसी के रेलवे ओवरब्रिज को लेकर मंगलवार को बोकारो थर्मल में भारी गहमागहमी और हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में रोजाना आधे-आधे घंटे तक रेलवे फाटक बंद रहने के कारण आम जनता, ड्यूटी पर जाने वाले डीवीसी कामगारों, स्कूली बच्चों और एम्बुलेंस में फंसे मरीजों को हो रही भारी परेशानी को देखते हुए स्थानीय समाजसेवी जोगेंद्र गिरी उर्फ बाबूलाल गिरी के नेतृत्व में आक्रोशित जनता ने सुबह ओवरब्रिज को खुद ही खोल दिया. लोगों ने मौके पर जेसीबी बुलाकर उसकी मदद से डीवीसी द्वारा लगाए गए लोहे के भारी बैरिकेडिंग को उखाड़ फेंका और उसे पावर प्लांट के निर्माणाधीन मैटेरियल साइट पर ले जाकर बंद कर दिया. इस बहुप्रतीक्षित ओवरब्रिज के खुलते ही क्षेत्र के लोगों में भारी हर्ष का माहौल देखा गया और देखते ही देखते छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही तेजी से शुरू हो गई. दरअसल, डीवीसी प्रबंधन द्वारा पूर्व में इस ओवरब्रिज का उद्घाटन 28 फरवरी को ही तय किया गया था, परंतु कुछ राजनीतिक कारणों एवं अधूरे कार्य की वजह से यह टल गया, जिसके बाद से आम जनता और मरीज लगातार नारकीय स्थिति झेलने को मजबूर थे. ओवरब्रिज खोले जाने की भनक जैसे ही डीवीसी प्रबंधन को लगी, प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया. जीएम (एचआर) एए कुजूर के निर्देश पर आनन-फानन में होमगार्ड के जवानों को हाइड्रा मशीन के साथ मौके पर भेजा गया. जनता द्वारा चालू किए जाने के करीब ढाई घंटे बाद डीवीसी प्रबंधन ने कड़ी मशक्कत के बाद दोबारा लोहे की बैरिकेडिंग खड़ी कर ओवरब्रिज पर परिचालन पूरी तरह ठप कर दिया.

यह भी पढ़ें: हजारीबाग: उग्रवाद पीड़ित परिवारों को नौकरी, अवैध हथियारों पर सख्ती, सामान्य शाखा की समीक्षा बैठक में उपायुक्त के कड़े निर्देश

आक्रोशित जनता से डीवीसी के खिलाफ खोला मोर्चा

प्रबंधन की इस कार्रवाई से आक्रोशित होकर जनता एक बार फिर भारी संख्या में ब्रिज पर आ डटी. लोगों ने रेलवे गेट पर लगने वाले भीषण जाम, स्कूली बच्चों की पढ़ाई और मरीजों की जान की दुहाई देते हुए डीवीसी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और अपनी ताकत के बल पर लोहे की बैरिकेडिंग को धक्का देकर गिरा दिया. जनता ने बैरिकेडिंग को किनारे हटाकर सबसे पहले एम्बुलेंस और छोटे वाहनों के लिए रास्ता बहाल कर दिया. इस तरह ढाई घंटे बाद दोबारा बंद किए गए ब्रिज को जनता के आक्रोश ने फिर से खोल दिया. सुबह से दोपहर तक चले इस खोलने और बंद करने के खेल तथा जनता के उग्र तेवर को देखते हुए कांग्रेस नेता सह समाजसेवी जोगेंद्र गिरी ने फौरन डीवीसी के एचओपी सुशील कुमार अरजरिया से फोन पर संपर्क साधा और उन्हें जमीनी हकीकत से अवगत कराते हुए साफ कहा कि परेशान जनता अब किसी भी सूरत में मानने को तैयार नहीं है. जनता के भारी दबाव और जायज परेशानी को देखते हुए आखिरकार एचओपी को झुकना पड़ा.

यह भी पढ़ें: बोकारो थर्मल में समर कैंप का समापन, प्रतिभाओं को मिला सम्मान

गुरुवार से विधिवत रेलवे ओवरब्रिज पर होगा परिचालन

उन्होंने आधिकारिक तौर पर आश्वस्त किया कि आगामी गुरुवार को सभी पक्षों को साथ लेकर और पूरी औपचारिकताएं पूरी करते हुए रेलवे ओवरब्रिज पर विधिवत परिचालन हमेशा के लिए शुरू कर दिया जाएगा. एचओपी के इस ठोस आश्वासन के बाद ही आक्रोशित लोग शांत हुए और वहां से लौटे.हालांकि, लोगों के लौटने के बाद दोपहर में प्रबंधन ने आंशिक रूप से खुले इस ओवरब्रिज को अस्थाई रूप से एक बार फिर बंद करा दिया ताकि गुरुवार को इसे व्यवस्थित ढंग से शुरू किया जा सके.इस पूरे हंगामे के दौरान ओवरब्रिज पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण डटे रहे,जो साफ तौर पर इस ब्रिज को जल्द से जल्द चालू कराने की मांग कर रहे थे.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *