Chakardharpur: शहर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले रानी तालाब के पूर्ण कायाकल्प की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है. वर्षों से उपेक्षा का शिकार रहे , इस ऐतिहासिक तालाब को अब नया स्वरूप मिलने जा रहा है. तालाब के सौंदर्यीकरण, पर्यावरण संरक्षण और शहर के आधारभूत विकास को ध्यान में रखते हुए चक्रधरपुर नगर परिषद द्वारा दो अलग-अलग ई-टेंडर जारी किए गए हैं. इन योजनाओं के तहत कुल 5 महत्वपूर्ण विकास कार्यों पर लगभग 13 करोड़ 48 लाख 93 हजार 182 रुपये खर्च किए जाएंगे. निविदा जारी होने के बाद शहरवासियों में खुशी का माहौल है और लंबे समय से उठ रही मांग, अब धरातल पर उतरती दिखाई दे रही है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मूर्त रूप देने में चक्रधरपुर विधायक सुखराम उरांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही है. उन्होंने लगातार विधानसभा में रानी तालाब के विकास का मुद्दा उठाया और झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर समग्र विकास की मांग की थी.

रानी तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि संस्कृति की पहचान
नगर के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी है कि विधायक सुखराम उरांव के पुत्र एवं चक्रधरपुर नगर परिषद अध्यक्ष सुन्नी उरांव के कार्यकाल में शहर को अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिली है. नगर परिषद अध्यक्ष सुन्नी उरांव ने कहा कि रानी तालाब केवल जलस्रोत नहीं, बल्कि चक्रधरपुर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है. इसके सौंदर्यीकरण और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) निर्माण से तालाब का अस्तित्व सुरक्षित रहेगा, जल प्रदूषण पर रोक लगेगी और आने वाले समय में यह क्षेत्र पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होगा. उन्होंने कहा 22 जून को खुलेगा टेंडर. नगर परिषद द्वारा जारी सूचना के अनुसार ई-टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी.
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