Ranchi: झारखंड की सियासत में इन दिनों छात्र और युवा के मुद्दों पर उबाल जारी है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयानों पर तीखा पलटवार करते हुए झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भाजपा को कटघरे में खड़ा किया है. कांग्रेस ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जिस पार्टी के एक दशक के कार्यकाल ने देश के युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेला हो, उसे आज छात्रों का हमदर्द बनने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
मशाल नहीं, भविष्य जलाने का रहा है इतिहास
राकेश सिन्हा ने कहा कि भाजपा के हाथ में मशाल नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य को राख करने का लंबा इतिहास रहा है. देश के युवाओं ने पिछले दस सालों में पेपर लीक, अंधाधुंध बेरोजगारी और भर्ती घोटालों का जो दंश झेला है, वह किसी से छिपा नहीं है. युवाओं को हर साल दो करोड़ रोजगार देने का वादा महज एक चुनावी छलावा साबित हुआ. आज भी देश और राज्यों में लाखों सरकारी पद धूल फांक रहे हैं, लेकिन भाजपा सिर्फ सियासी रोटियां सेकने में व्यस्त है.
राजनीतिक ढोंग और मौन उपवास पर सवाल
संसद परिसर में भाजपा नेताओं के मौन उपवास पर तंज कसते हुए सिन्हा ने कहा कि यह सिर्फ और सिर्फ एक राजनीतिक ड्रामा है. कुछ घंटे कैमरों के सामने बैठकर नाटक करने से युवाओं को नौकरियां नहीं मिल जाएंगी. यदि भाजपा नेताओं में वाकई हिम्मत है, तो वे केंद्र सरकार से जवाब मांगें कि प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर बार-बार लीक क्यों हो रहे हैं और इसके मास्टरमाइंड्स पर अब तक बुलडोजर या कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
झारखंड के मुद्दों पर साधी है चुप्पी
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा को न्याय से ज्यादा अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की चिंता है. भाजपा सीबीआई जांच के नाम पर केवल संस्थाओं का राजनीतिक दुरुपयोग करना चाहती है. आदित्य साहू कांग्रेस की आड़ में अपनी विफलताओं को छिपाना बंद करें. झारखंड के हक, विशेष पैकेज, उद्योग और केंद्रीय रिक्तियों के मुद्दे पर भाजपा सांसद हमेशा से मौन साधे रहे हैं.

जनता लेगी पूरा हिसाब
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई पूरी तरह सच और झूठ के बीच होगी. एक तरफ जुमलों की राजनीति करने वाली भाजपा है, तो दूसरी तरफ युवाओं के हक के लिए लड़ने वाली कांग्रेस है. भाजपा भ्रम और प्रचार की राजनीति छोड़कर अपने 10 साल का रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखे. झारखंड का युवा आज सीधे तौर पर पूछ रहा है कि रोजगार कहाँ है?, और इस सवाल का जवाब भाजपा के पास नहीं है.
