Simdega: झारखंड के शांत से दिखने वाले सिमडेगा में अफीम तस्करी के एक ऐसे खेल का पर्दाफाश हुआ है, जिसने पुलिस महकमे के भी होश उड़ा दिए हैं. महाराष्ट्र की नागपुर ग्रामीण पुलिस और सिमडेगा पुलिस ने एक जॉइंट सीक्रेट ऑपरेशन चलाकर करोड़ों रुपये के अफीम रैकेट का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने मौके से 33.767 किलोग्राम अफीम, भारी मात्रा में कैश और तस्करी का सामान जब्त किया है. सरकारी कागजों में इसकी कीमत भले ही 1.92 करोड़ रुपये हो, लेकिन अवैध इंटरनेशनल मार्केट में यह ‘काला सोना’ पूरे 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का है.

एक ट्रक ड्राइवर ने उगला ‘होटल अंतरा’ का राज
इस हाई-प्रोफाइल केस की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है. शुरुआत हुई 20 मई को, जब नागपुर पुलिस ने हाइवे पर पेट्रोलिंग के दौरान एक ट्रक ड्राइवर को दबोचा. उसके पास से सिर्फ 237 ग्राम अफीम मिली थी, लेकिन जब पुलिस ने थर्ड डिग्री का डर दिखाया, तो उसने वो राज उगल दिया जिसने सिमडेगा पुलिस को हिलाकर रख दिया. ड्राइवर ने कुबूल किया कि इस काले धंधे का हेडक्वार्टर सिमडेगा का ‘होटल अंतरा’ है.
आधी रात को रेड, घर में छुपा था ‘खजाना’
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए नागपुर की स्पेशल एनडीपीएस (NDPS) टीम 24 मई को गुपचुप तरीके से सिमडेगा पहुंच गई. सिमडेगा और ठेठईटांगर पुलिस को साथ लेकर जाल बिछाया गया. पुलिस ने जब जाल फेंका, तो सीधे बड़ी मछली फंसी, होटल अंतरा का संचालक मनीष कुमार (46 वर्ष). पुलिस जब मनीष के भंडारटोली (ठेठईटांगर) स्थित घर में घुसी, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई. घर के भीतर नोटों की गड्डियां और अफीम का अंबार लगा था.
पुलिस ने वहां से 1.68 करोड़ रुपये की शुद्ध अफीम (33.767 किलो), 23.35 लाख रुपये की कड़कती नकदी (कैश), अफीम तौलने का इलेक्ट्रॉनिक कांटा और पैकिंग का सामान बरामद किया.
सलाखों के पीछे किंगपिन, कई सफेदपोश रडार पर!
होटल की आड़ में नशे का यह पूरा ‘ब्लैक मार्केट’ चलाने वाले मास्टरमाइंड मनीष कुमार को पुलिस ने हथकड़ी पहनाकर सलाखों के पीछे भेज दिया है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह तो सिर्फ ट्रेलर है, असली फिल्म अभी बाकी है. इस सिंडिकेट के तार देश के कई बड़े राज्यों से जुड़े हैं और जल्द ही कई और रसूखदार चेहरे बेनकाब होने वाले हैं.
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