Hazaribagh: त्याग, समर्पण और अकीदत का महान त्योहार ईद-उल-अजहा (बकरीद) आज हजारीबाग सहित पूरे जिले में अत्यंत हर्षोल्लास, शांति और आपसी सौहार्द के वातावरण में मनाया जा रहा है. सुबह से ही शहर तथा ग्रामीण इलाकों का माहौल खुशियों और उल्लास से सराबोर नजर आया. त्योहार को लेकर बच्चों, युवाओं से लेकर बुजुर्गों में खासा उत्साह और रौनक देखने को मिली.
मस्जिदों में उमड़ी भीड़, जामा मस्जिद में हजारों ने एक साथ झुकाया सिर
सुबह की पहली किरण के साथ ही अकीदतमंद नए और पारंपरिक लिबास पहनकर इत्र की खुशबू से महकते हुए मस्जिदों और ईदगाहों की ओर बढ़ने लगे. हजारीबाग की ऐतिहासिक और मुख्य जामा मस्जिद में सुबह से ही नमाजियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. यहां हजारों अकीदतमंदों ने एक साथ सफों (लाइनों) में खड़े होकर अल्लाह की बारगाह में ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा की. नमाज के दौरान मौलाना साहब ने खुतबा पढ़ा और देश में आपसी प्रेम, अमन-चैन, खुशहाली, तरक्की तथा मजबूत सामाजिक एकता के लिए विशेष दुआएं मांगीं.

गले मिलकर दी मुबारकबाद, प्रेम और सद्भाव का दिया संदेश
जैसे ही मस्जिदों में नमाज संपन्न हुई, पूरा परिसर ‘ईद मुबारक’ की सदाओं से गूंज उठा. नमाजियों ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की दिली मुबारकबाद दी. इसके बाद लोगों ने अपने-अपने घरों का रुख किया और बड़ों का आशीर्वाद लिया तथा परंपरा के अनुसार कुर्बानी की रस्म को अदा किया. दिनभर लोगों का एक-दूसरे के घर आने-जाने का सिलसिला बदस्तूर जारी रहा, जहां लजीज पकवानों और सेवइयों से मेहमानों का स्वागत किया गया. त्योहार के इस पावन मौके पर समाज को आपसी प्रेम, भाईचारे और साम्प्रदायिक सौहार्द का एक बेहद खूबसूरत संदेश दिया गया.
सुरक्षा को लेकर अलर्ट रहा प्रशासन, शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ पर्व
ईद-उल-अजहा के इस पावन और संवेदनशील त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए हजारीबाग जिला और पुलिस प्रशासन सुबह से ही पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा. शहर के तमाम मुख्य चौराहों, जामा मस्जिद रोड और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती की गई थी. प्रशासनिक अधिकारी लगातार क्षेत्रों का गश्त कर स्थिति पर नजर बनाए हुए थे, जिसके परिणामस्वरूप पूरा त्योहार बेहद शांतिपूर्ण और भाईचारे के माहौल में संपन्न हो रहा है.
