Gumla : एक समय था कि जब गुमला को शिमला के रूप में देखा जाता था. यहां पर भीषण गर्मी नहीं पड़ती थी, लेकिन इस बार की गर्मी ने गुमला के लोगों को भी पूरी तरह से परेशान करके रखा है. विगत कुछ दिनों से जिस तरह से सूरज की तीखी किरणें गुमला की धरती पर पड़ रही हैं, उससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इन सब के बीच आज अहले सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. आसमान में काले बादल छाने के साथ ही कुछ समय के लिए झमाझम बारिश हुई, जिससे आम लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती हुई नजर आ रही है. तापमान भी गिर चुका है, जिसके कारण लोग आराम से अपने घरों में भी बैठ सकते हैं. कल तक लोगों को सड़कों पर तो छोड़ दिया जाए, घरों में बैठना भी काफी पीड़ादायक हो रहा था, लेकिन आज अहले सुबह हुई बारिश के बाद मौसम वास्तव में सुहाना हो गया है. अब लोग घरों के बाहर भी निकलकर कोई खास परेशानी महसूस नहीं कर रहे हैं.

बारिश के बाद बच्चों और पशु-पक्षियों ने उठाया आनंद
इन सब के बीच कुछ खूबसूरत तस्वीरें देखने को मिलीं. बारिश होने के कारण शहर के आसपास खाली पड़े जमीनों पर जल जमा हो जाने के कारण बच्चों को और पशु-पक्षियों को मस्ती करते हुए देखा गया. गुमला जिला मुख्यालय में मौजूद कई इलाकों में तालाब पूरी तरह से सूख चुके हैं, जबकि अभी गर्मी का मौसम बाकी है. ऐसे में अनुमान लगाया जा सकता है कि गर्मी कितनी भीषण पड़ रही है.
वहीं लोगों ने इस बात का विश्वास जताया है कि जिस तरह से मौसम में परिवर्तन हो रहा है, उससे लोगों को राहत मिलने की संभावना है. वहीं नन्हे बच्चों द्वारा मस्ती करते हुए बताया गया कि घरों में रहने पर काफी गर्मी महसूस हो रही थी. जैसे ही उन्हें इन खेतों में जल जमाव की सूचना मिली, वे मस्ती करने के लिए चले आए हैं.

जंगलों की कटाई को लेकर लोगों ने जताई चिंता
निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि बारिश होने के कारण न केवल आम लोगों को बल्कि पशु-पक्षियों को भी भीषण गर्मी से राहत मिल रही है. स्थानीय साहित्यकार अजय किशोर नाथ पांडे ने बताया कि गुमला का मौसम ऐसा नहीं होता था. काफी सुहाना मौसम होने के कारण गुमला एक अलग पहचान रखता था, लेकिन विगत कुछ वर्षों में जिस तरह से मौसम में परिवर्तन हो रहा है, उससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
इससे यह भी बातें छनकर सामने आ रही हैं कि जंगलों की लगातार कटाई भी गुमला के लोगों को भीषण गर्मी झेलने को मजबूर कर रही है. हालांकि वन विभाग के पदाधिकारी लगातार दावा कर रहे हैं कि वन क्षेत्र का लगातार विस्तार हो रहा है. ऐसे में उनकी ओर से कोई भी कमी नहीं रखी जा रही है और प्रयास किया जा रहा है कि वन क्षेत्र का सही रूप से विस्तार किया जाए ताकि प्रकृति का बैलेंस बना रहे.
जबकि स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा है कि विगत कुछ दिनों के अंदर कई इलाकों से भारी मात्रा में पेड़ों की कटाई की सूचना मिली है, लेकिन वन विभाग की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण लगातार वन क्षेत्र का दोहन हो रहा है.
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