Sraikela:जिले के नीमडीह थाना क्षेत्र में देशी महुआ शराब का अवैध कारोबार चरम पर है. ढागौरडीह, महतोडीह, हुंडरू, पाथरडीह, चिगड़ा, पाड़कीडीह, मुरु, हेवन, चातरमा, जुगीलांग, पूड़ीयारा, लॉकडी समेत दर्जनभर गांवों में शराब माफिया बड़े पैमाने पर अवैध महुआ भट्ठियों का संचालन कर रहे हैं.
रोज हजारों टन लकड़ी की खपत, उजड़ रहे जंगल
ग्रामीणों के अनुसार इन भट्ठियों में देशी स्टाइल से महुआ शराब की चुलाई की जा रही. इसके लिए प्रतिदिन हजारों टन लकड़ी की खपत हो रही है, जिससे आसपास के जंगल तेजी से उजड़ रहे हैं.. खुलेआम मिनी भट्ठियां चलाई जा रही हैं और शराब माफिया बेखौफ होकर कारोबार कर रहे हैं.

उत्पाद विभाग को खुली चुनौती
एक तरफ जिला उत्पाद विभाग अवैध शराब के खिलाफ अभियान चला रहा है, वहीं दूसरी ओर माफिया विभाग को खुली चुनौती दे रहे हैं. आरोप है कि उत्पाद विभाग और जिला प्रशासन की अनदेखी के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग और माफिया एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं.
जमशेदपुर तक सप्लाई, NH पर दौड़ते वाहन
सूत्रों के अनुसार यहां तैयार देशी महुआ शराब की सप्लाई जमशेदपुर समेत कई शहरों में की जा रही है. बाइक और फोर व्हीलर से एनएच पर दिन-दहाड़े शराब की तस्करी हो रही है. इस नशे की लत में कई गरीब किसान और दैनिक वेतनभोगी मजदूर अपना जीवन और परिवार बर्बाद कर चुके हैं, लेकिन माफिया मालामाल हो रहे हैं.
नेता का संरक्षण, जांच की मांग
सूत्रों का दावा है कि इस अवैध कारोबार को किसी रसूखदार नेता का संरक्षण प्राप्त है. ग्रामीणों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. लोगों का कहना है कि जब तक बड़े माफियाओं पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक अवैध भट्ठियां बंद नहीं होंगी.
