दिशा बैठक में स्वास्थ्य, पेयजल और बिजली विभाग को फटकार, विकास कार्यों में पारदर्शिता पर जोर,जनकल्याणकारी योजनाओं की हुई समीक्षा

Hazaribagh : जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत...

Hazaribagh : जिला समाहरणालय के सभाकक्ष में जिला विकास समन्वय एवं मूल्यांकन समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गई. बैठक की शुरुआत केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी की अध्यक्षता में हुई. बाद में उन्होंने बैठक की जिम्मेदारी दिशा समिति के उपाध्यक्ष सह हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल को सौंप दी. सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि दिशा बैठक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. उन्होंने समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, पेयजल एवं स्वच्छता तथा बिजली विभाग के कार्यों पर नाराजगी जताई.

केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की हुई विस्तृत समीक्षा

बैठक में मनरेगा, अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम कौशल योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, सर्व शिक्षा अभियान, उज्ज्वला योजना और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना समेत कई योजनाओं की समीक्षा की गई. इसके अलावा रेलवे, हाईवे, वाटरवेज, खनन, प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना, ई-नाम, पीएमकेएसवाई और प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना से जुड़ी परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई.

सांसद ने दिए कई महत्वपूर्ण निर्देश

सांसद मनीष जायसवाल ने आरईओ के कार्यपालक अभियंता की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताई. उन्होंने सड़कों के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. साथ ही एनएचएआई को सर्विस लेन दुरुस्त करने, दिव्यांगजनों के लिए शिविर लगाकर प्रमाण पत्र जारी करने तथा बीज, खाद और कृषि उपकरणों के वितरण में पारदर्शिता बरतने को कहा. हजारीबाग शहरी जलापूर्ति योजना की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को उन्नत बनाने पर भी जोर दिया गया.

ALSO READ : हजारीबाग: ‘दिशा’ बैठक पर सीपीएम का सवाल, क्या गड्ढों और जर्जर सड़कों को मिलेगी नई दिशा?

स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग अधिकारियों को झेलनी पड़ी फटकार

समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य, बिजली और बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों को कड़ी फटकार का सामना करना पड़ा. सिविल सर्जन और शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डिप्टी सुपरिटेंडेंट के बिना पर्याप्त आंकड़ों के बैठक में पहुंचने पर सदस्यों ने नाराजगी जताई. पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को खराब चापानलों और ग्रामीण जलापूर्ति योजनाओं में सुधार के निर्देश दिए गए. वहीं बिजली विभाग के कार्यों पर भी सवाल उठे. लोहसिंघना फीडर क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की समस्याओं और उपभोक्ताओं के उपकरण खराब होने का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा. मुद्रा लोन वितरण में शिथिलता को लेकर बैंक अधिकारियों को भी फटकार लगाई गई.

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में सांसद मनीष जायसवाल, बरही विधायक मनोज कुमार यादव, बगोदर विधायक नागेंद्र महतो, बरकट्ठा विधायक अमित कुमार यादव, सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी, मांडू विधायक निर्मल महतो, जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता, उपाध्यक्ष किशुन यादव और मेयर अरविंद राणा उपस्थित रहे. प्रशासनिक अधिकारियों में उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, उपविकास आयुक्त रिया सिंह सहित कई विभागों के अधिकारी और दिशा समिति के सदस्य मौजूद थे.

ALSO READ : हजारीबाग: बदहाली की मार झेल रहा ऐतिहासिक बड़की बंधिया, पहचान पर संकट

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *