Chaibasa : पोड़ाहाट सोनुआ बिला जलापूर्ति योजना छह वर्ष बाद भी पूरी नहीं हो सकी है. योजना से सोनुआ और गोइलकेरा प्रखंड के 45 गांवों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध होता. लेकिन योजना पूरी नहीं होने से अब ग्रामीणों में आक्रोश है. जिसे लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने बैठक की. इस दौरान ग्रामीणों ने 10 जून को चक्रधरपुर स्थित पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय का घेराव करने की घोषणा की है. ग्रामीणों का कहना है कि अधूरी योजना नहीं चलेगी. हर घर तक जल पहुंचाना होगा. इस संबंध में आयोजित बैठक में डॉ. दिनेश चंद्र बोयपाई, निरमणि कोड़ाह समेत कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बैठक में मौजूद रहे.

57 करोड़ खर्च पर योजना धरातल पर नहीं
योजना साल 2019 में शुरू हुई थी. जिसकी कुल लागत 58.82 करोड़ रुपये है. जिसमें अब तक 57.92 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं. योजना को वर्ष 2021 तक पूरा कर लिया जाना था. लेकिन ग्रामीणों को पेयजल का लाभ नहीं मिल पाया है. जानकारी के अनुसार पनसुआं डैम से इंटेक वेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा हो चुका है. वहीं झुमपुरा और बिला में जलमीनार बनकर तैयार है.
पाइपलाइन सड़क निमार्ण के कारण क्षतिग्रस्त
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता जितेंद्र कुजूर ने बताया कि विक्रमपुर की ओर जाने वाली लगभग एक किलोमीटर लंबी पाइपलाइन सड़क निर्माण कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त हो गई थी. संबंधित सड़क निर्माण एजेंसी और पथ निर्माण विभाग ने अब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं की है. जिसके कारण जलापूर्ति शुरू करने में बाधा आ रही है.
एसआईटी गठन की मांग
मनोहरपुर प्रखंड के लाइलोर क्षेत्र में 53.28 करोड़ रुपये की लागत से नौ गांवों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति योजना संचालित की जा रही है. लेकिन वहां भी अब तक किसी गांव में नियमित जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है. इससे नाराज ग्रामीणों ने योजना में हुई अनियमितताओं की जांच के लिए एसआईटी गठन की मांग उठाई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पेयजल योजनाओं का लाभ धरातल पर नहीं दिख रहा है. ऐसे में सरकार को योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करें.
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