रांची: झारखंड पुलिस अब अदालती सम्मन की प्रक्रिया को पूरी तरह हाईटेक बनाने जा रही है. नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए अब राज्य में ‘ई-सम्मन एप्लिकेशन का उपयोग किया जाएगा. इस संबंध में डीजीपी कार्यालय द्वारा राज्य के सभी जिलों के एसएसपी, एसपी दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं.

क्या है ई-सम्मन एप्लिकेशन?
नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद, न्यायालयों द्वारा जारी किए जाने वाले सम्मन को भेजने और उनका पालन सुनिश्चित करने की प्रक्रिया को अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से निपटाया जाएगा. एनआईसी नई दिल्ली द्वारा विकसित इस एप्लिकेशन के माध्यम से सम्मन जारी होने से लेकर उसके तामिला होने तक की पूरी ट्रैकिंग ऑनलाइन की जा सकेगी.
जिला स्तर पर तैनात होंगे नोडल पदाधिकारी:
इस व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रत्येक जिले में एक नोडल पदाधिकारी नामित किया जाएगा. जिला नोडल पदाधिकारी का अपना एक विशिष्ट यूजर आईडी होगा. नोडल अधिकारी अपने जिले के सभी थानों के पुलिस पदाधिकारियों के लिए यूजर आईडी बनाएंगे. जिले के भीतर ई-सम्मन की पूरी प्रक्रिया इन्हीं के माध्यम से प्रबंधित की जाएगी.
आठ मार्च तक मांगा गया विवरण:
डीजीपी कार्यालय ने आदेश दिया है कि रांची, जमशेदपुर, धनबाद सहित सभी जिलों और रेल पुलिस एसपी को अपने-अपने क्षेत्र के नोडल पदाधिकारी का चयन जल्द से जल्द करना है.

