रांची: DC मंजूनाथ भजन्त्री ने दिखाई संवेदनशीलता, दिव्यांगों को मिला इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल और पूर्व नक्सली की पत्नी को जमीन

Ranchi: आज उपायुक्त के जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की शिकायतों को...

Ranchi: आज उपायुक्त के जनता दरबार में जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे लोगों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही कार्रवाई के निर्देश दिए. जनता दरबार में जरूरतमंदों को राहत मिली तो वहीं सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख भी देखने को मिला. जनता दरबार की सबसे भावुक तस्वीर उस समय देखने को मिली जब बेड़ो प्रखंड के 25 वर्षीय दिव्यांग युवक आकाश उरांव को इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल प्रदान की गई. 80 प्रतिशत दिव्यांगता के कारण चलने-फिरने में असमर्थ आकाश अपने भाई की गोद में बैठकर जनता दरबार पहुंचे थे. उनकी समस्या सुनते ही उपायुक्त ने तत्काल इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. सहायता मिलने के बाद आकाश स्वयं ट्राईसाइकिल चलाकर लौटे, जिससे उनके परिवार के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी. इसी तरह 67 वर्षीय दिव्यांग बालकिशुन साहू को भी इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल प्रदान की गई, जिससे उनके दैनिक जीवन को बड़ी राहत मिलेगी.

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सीओ को शोकॉज जारी करने का निर्देश

भूमि संबंधी मामलों में भी प्रशासन की सक्रियता नजर आई. बेड़ो निवासी माधुरी तिर्की ने बताया कि एलआरडीसी न्यायालय के आदेश के बावजूद उनका म्यूटेशन नहीं किया जा रहा है. मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त ने तत्काल संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और लापरवाही बरतने वाले अंचल निरीक्षक एवं कर्मचारी को शोकॉज जारी करने का निर्देश दिया. साथ ही लंबित नामांतरण मामले का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा. जनता दरबार में एक और महत्वपूर्ण मामला सामने आया, जिसमें आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे एक पूर्व नक्सली की पत्नी ठाकुरमनी देवी को राहत मिली. पहले आवंटित भूमि रहने योग्य नहीं होने की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने पहल करते हुए नगड़ी मौजा में चार डिसमिल वैकल्पिक भूमि आवंटित की. भूमि से संबंधित दस्तावेज प्राप्त कर उन्होंने राज्य सरकार और जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया.

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कई अन्य मामलों की भी हुई सुनवाई

कार्यक्रम के दौरान पंजी-2 सुधार, दाखिल-खारिज, भूमि सीमांकन, लगान रसीद, अवैध कब्जा, ऑनलाइन जमाबंदी त्रुटि और राजस्व अभिलेखों से जुड़े कई मामलों की सुनवाई हुई. उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि निष्पादन योग्य मामलों का शीघ्र समाधान किया जाए तथा आम लोगों को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें. इसके अलावा वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, सर्वजन पेंशन योजना और मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना से जुड़े आवेदनों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए. इलाज के लिए आर्थिक सहायता, आयुष्मान भारत, छात्रवृत्ति, आवास, पेयजल, सड़क, बिजली और रोजगार संबंधी समस्याओं पर भी संबंधित विभागों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.

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