Ranchi: नगर निगम शहर को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़े अभियान की शुरुआत करने जा रहा है. नगर आयुक्त की अध्यक्षता में हुई वर्चुअल समीक्षा बैठक में गीले कचरे के संग्रहण और स्रोत स्तर पर कूड़ा पृथक्करण को मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई.

हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा
बैठक में नगर आयुक्त ने कहा कि शहर में हर दिन निकलने वाले गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और पृथक्करण बेहद जरूरी है. इससे न केवल स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि गीले कचरे से हरित ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा. उन्होंने बताया कि गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा स्थापित बायोगैस प्लांट के सुचारु संचालन के लिए पर्याप्त मात्रा में अलग किया हुआ जैविक कचरा उपलब्ध कराना आवश्यक है. इसके लिए कूड़ा पृथक्करण को सिर्फ सरकारी अभियान नहीं, बल्कि जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा.
20 वार्डों को चिन्हित किया गया
इस दिशा में पहले चरण में शहर के लगभग 20 वार्डों को चिन्हित किया गया है. इन वार्डों में विशेष अभियान चलाकर घर-घर से गीला और सूखा कचरा अलग-अलग एकत्र किया जाएगा. अभियान की सफलता के बाद इसे अन्य वार्डों में भी लागू किया जाएगा.बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गेल इंडिया, सीईआईडी और पीएमसी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम सभी एमआरएफ केंद्रों का नियमित निरीक्षण करेगी. टीम यह सुनिश्चित करेगी कि बायोगैस प्लांट तक अधिकतम मात्रा में गुणवत्तापूर्ण और पृथक जैविक कचरा पहुंचे तथा कचरे के रिजेक्ट होने की मात्रा कम से कम रहे.
संग्रहण में लापरवाही नहीं
नगर आयुक्त ने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण में लापरवाही पर सख्ती दिखाते हुए निर्देश दिया कि गीले और सूखे कचरे को किसी भी परिस्थिति में आपस में नहीं मिलाया जाए. साथ ही मिश्रित कचरे को एमआरएफ केंद्रों में प्रोसेस नहीं करने का भी निर्देश दिया गया. शहरवासियों को इस अभियान से जोड़ने के लिए व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. आवासीय परिसरों, अपार्टमेंट्स, बाजारों, संस्थानों और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों के माध्यम से लोगों को घर से ही कचरा अलग-अलग देने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
कचरा अलग-अलग सुनिश्चित करने का निर्देश
नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम को सभी बड़े कचरा उत्पादकों (बीडब्ल्यूजी) और आरडब्ल्यूए के साथ समन्वय स्थापित कर शत-प्रतिशत कूड़ा पृथक्करण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों और प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी.
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