Koderma: आज जिला यक्ष्मा पदाधिकारी सह जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, कोडरमा, डॉ. रमण कुमार ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर, दशारो का निरीक्षण कर टीबी, कुष्ठ, एनसीडी (गैर-संचारी रोग) सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की.

टीपीटी उपलब्ध कराने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान उन्होंने खैरौन एवं डुमरडीहा ग्राम में टीबी का उपचार प्राप्त कर रहे दो मरीजों के घर जाकर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. साथ ही मरीजों के संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों को टीबी के लक्षणों एवं बचाव के संबंध में जागरूक किया तथा संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी (CHO) को टीपीटी (टीबी प्रिवेंटिव ट्रीटमेंट) उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. उपचाररत मरीजों ने इलाज एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया.
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फोकस्ड लेप्रोसी कैंपेन का भी निरीक्षण
इस अवसर पर डॉ. रमण कुमार ने दशारो ग्राम में संचालित फोकस्ड लेप्रोसी कैंपेन का भी निरीक्षण किया. उन्होंने एक कुष्ठ रोगी के घर जाकर उनके संपर्क में रहने वाले व्यक्तियों के स्वास्थ्य की जानकारी ली. साथ ही एमपीडब्ल्यू मुकेश कुमार एवं सहिया को पूरे गांव में घर-घर सर्वेक्षण कर सभी लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि कुष्ठ रोग के संदेहास्पद लक्षण पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों की सूची तैयार कर चिकित्सीय जांच कराई जाए, ताकि समय पर रोग की पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके.
क्या बताया डॉक्टर ने
डॉ. रमण कुमार ने बताया कि जिन गांवों में कुष्ठ रोग से ग्रेड-2 विकलांगता वाले मरीज अथवा 14 वर्ष से कम आयु के कुष्ठ रोगी पाए जाते हैं, उन्हें “हॉट स्पॉट” के रूप में चिन्हित किया जाता है. ऐसे गांवों में विशेष अभियान चलाकर पूरे क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जाता है तथा कुष्ठ रोग के संभावित लक्षण वाले व्यक्तियों की चिकित्सीय जांच कराकर पुष्टि होने पर तत्काल उपचार प्रारंभ किया जाता है. मौके पर सीएचओ सुमन मिंज, एमपीडब्ल्यू जावेद अंसारी, मुकेश कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट राजीव रंजन, प्रवीण रवानी, एएनएम एवं सहियाएं उपस्थित थीं.
