Ranchi: 10 लाख के इनामी जोनल कमांडर मृत्युंजय भुइयां उर्फ फरेश भुइयां उर्फ अवधेश जी के खिलाफ मंगलवार को आरोप गठन(चार्जफ्रेम) नहीं हो सका. चार्जफ्रेम की अगली तारीख 18 जून को निर्धारित की गयी है.

झार नेट खराब रहने के कारण वीडियो कांफ्रेंसिंग से नहीं जुड़ पाया मंडल कारा लातेहार
मामले की सुनवाई एनआइए के विशेष न्यायाधीश अभिमन्यु कुमार की अदालत में हुई. नक्सली मृत्युंजय भुइयां मंडल कारा लातेहार में बंद है. उसे वहां से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरीय पेश किया जाना था, लेकिन झार नेट खराब होने के कारण वीडियो कांफ्रेंसिंग से जेल नहीं जु़ड़ पाया, उसके अदालत ने चार्जफ्रेम की अगली तिथि निर्धारित की.
दो लाख का इनामी था
बताते चले कि 2024 में लातेहार पुलिस ने नक्सली मृत्युंजय भुइयां को AK-47 के साथ पकड़ा था. मृत्युंजय भुइंया के साथ-साथ पुलिस ने बबलू राम नामक एक और नक्सली को भी पकड़ा था, वह भी दो लाख का इनामी था. दोनों वतर्मान में लातेहार जेल में हैं. बाद में इस मामले को एनआइए ने टेकओवर कर लिया था. पुलिस ने माओवादी जोनल कमांडर मृत्युंजय भूइंया और माओवादी सदस्य बबलू राम को लातेहार जिले के छिपादौर थाना क्षेत्र के हरिना माड़ गांव से गिरफ्तार किया था. इनके पास से एक AK-47, कई अन्य हथियार, भारी मात्रा में कारतूस लेवी के 1600 रुपये, नक्सली दस्तावेज, दैनिक उपयोग का सामान पुलिस ने बरामद किया था. मृत्युंजय भुइंया लातेहार जिला के नवाड़ी छिपा दोहर का रहने वाला है.
104 आपराधिक मामले दर्ज हैं
10 लाख का इनामी नक्सली मृत्युंजय भुइयां पर झारखंड के लातेहार, पलामू, गढ़वा और छत्तीसगढ़ राज्य के थाना में कुल 104 अपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं बबलू राम उर्फ़ रोहित चंद्रवंशी बिहार के अरवल का रहनेवाला है. वे लोग दैनिक उपयोग का सामान लेने जंगल से बाहर आए थे. इसकी गुप्त सूचना लातेहार एसपी को मिली थी. सूचना मिलते ही उन्होंने चार थाने की पुलिस को मिलाकर एक टास्क फोर्स का गठन किया, उसके बाद दोनों नक्सलियों को गिरफ्तार किया गया था.
