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हजारीबाग: एसबीएमसीएच की बदहाली पर सांसद सख्त, ट्रॉमा सेंटर में वरिष्ठ चिकित्सकों की तैनाती और आईसीयू में वेंटिलेटर सुविधा बहाल करने की मांग

Hazaribagh: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के...

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मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल अधीक्षक को सौंपा मांग पत्र

Hazaribagh:  शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था और मरीजों को हो रही परेशानियों को लेकर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद ने गंभीर चिंता जताई है. सांसद के निर्देश पर गुरुवार को उनके संसदीय क्षेत्र के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह से मुलाकात कर विभिन्न समस्याओं और अनियमितताओं से संबंधित मांग पत्र सौंपा.

ट्रॉमा सेंटर की व्यवस्था पर उठाए सवाल

मांग पत्र में अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की स्थिति को चिंताजनक बताते हुए कहा गया, कि यहां गंभीर मरीजों का इलाज मुख्यतः जूनियर डॉक्टरों के भरोसे किया जा रहा है. इससे समय पर समुचित चिकित्सा नहीं मिल पाती और मरीजों को अनावश्यक रूप से रेफर करना पड़ता है. रंजन चौधरी ने ट्रॉमा सेंटर में चौबीसों घंटे जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के साथ एक वरिष्ठ फिजिशियन और एक वरिष्ठ सर्जन की अनिवार्य तैनाती सुनिश्चित करने की मांग की, ताकि आपातकालीन मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके.

ऑक्सीजन प्लांट बंद, मरीजों की सुरक्षा पर संकट

मांग पत्र में अस्पताल परिसर में स्थापित पीएसए ऑक्सीजन प्लांट के लंबे समय से खराब पड़े रहने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया. कहा गया कि ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा का बाधित होना मरीजों की जान के लिए खतरा बन सकता है और इसे तत्काल चालू कराया जाना चाहिए.

आईसीयू में वेंटिलेटर की कमी, नई मशीनों की मांग

अस्पताल की गंभीर चिकित्सा सुविधाओं की ओर ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा गया कि पूरे ट्रॉमा सेंटर में केवल एक वेंटिलेटर उपलब्ध है. ऐसे में ओल्ड और न्यू आईसीयू में अतिरिक्त वेंटिलेटर स्थापित किए जाने तथा इनके संचालन के लिए अलग से चिकित्सक और चिकित्सा कर्मियों की नियुक्ति की आवश्यकता है.

आर्थोपेडिक वार्ड में मनमानी वसूली का आरोप

मांग पत्र में आर्थोपेडिक वार्ड में मरीजों से इंप्लांट के नाम पर कथित रूप से मनमानी राशि वसूले जाने का मुद्दा भी उठाया गया. विशेषकर बिना आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों को आर्थिक बोझ झेलना पड़ रहा है. इस पर रोक लगाने तथा इंप्लांट की दरों का स्पष्ट रेट चार्ट सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की मांग की गई. इसके साथ ही डॉक्टरों द्वारा अधिकतम सरकारी दवाएं ही लिखे जाने के निर्देश जारी करने का भी आग्रह किया गया.

बिजली, पानी, लिफ्ट और एसी की समस्याओं पर चिंता

रंजन चौधरी ने अस्पताल की बुनियादी सुविधाओं की बदहाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के बावजूद कई वार्डों में एसी और पंखे खराब पड़े हैं. बिजली कटौती के दौरान जनरेटर व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और सोलर सिस्टम भी बंद पड़ा है. इसके अलावा बहुमंजिला भवनों की लिफ्ट खराब रहने और मरीजों के लिए पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की शिकायत भी अधीक्षक के समक्ष रखी गई.

पोस्टमार्टम विभाग की निगरानी और एंबुलेंस सुविधा सुधारने की मांग

मांग पत्र में पोस्टमार्टम विभाग की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की मांग की गई, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर न्याय मिल सके. वहीं मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए सरकारी एंबुलेंस चालकों के मोबाइल नंबर सभी वार्डों में प्रदर्शित करने का सुझाव भी दिया गया.

अधीक्षक ने जल्द सुधार का दिया भरोसा

सांसद प्रतिनिधि द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों पर अस्पताल अधीक्षक डॉ. के.के. सिंह ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आश्वस्त किया कि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही आवश्यक कदम उठाकर अस्पताल की व्यवस्था में सुधार किया जाएगा.

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