– कोल कंपनियों के लेवी वसूलने और नक्सल कांड में था शामिल.

Ranchi: चार साल पहले नक्सली नंदकिशोर महतो की पुलिस हिरासत में मौत हुई थी. अब गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देश पर परिजनों को सहायता राशि मिलेगी. यह मामला हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना का है. जहां 26 अप्रैल 2022 को नक्सली नंदकिशोर महतो का फांसी के फंदे से लटका हुआ शव मिला था. इसके बाद पूरे मामले की CID जांच भी हुई. इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के अनुशंसा पर गृह विभाग ने हजारीबाग DC को मृतक की पत्नी फूल कुमारी को पांच लाख रुपया का आर्थिक सहायता प्रदान करने का आदेश दिया है.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, हजारीबाग के बड़कागांव का रहने वाले नंदकिशोर महतो को पुलिस ने पूर्व में रंगदारी और नक्सल कांडों में जेल भेजा था. हजारीबाग में कोयला उत्खनन में लगी कंपनियों ONGC , एलएंडटी समेत कई ठेकेदारों से PLFI के नाम पर रंगदारी मांगने का आरोप नंदकिशोर पर लगा था. इस मामले में हजारीबाग पुलिस की SIT ने उसे हिरासत में लिया था. इस दौरान नंदकिशोर को थाने के हाजत में रखकर सिलवार पुलिस कार्यालय में रखा गया था. नंदकिशोर ने इस दौरान शौचालय जाने की बात कही थी, इसके बाद वहां उसका शव फंदे से लटका मिला था. घटना के बाद पुलिस ने इस संबंध में मुफस्सिल थाने में यूडी केस दर्ज किया था.
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