कैटरीना, केदार और माला नारकोटिक्स श्वान हैं, जिनकी तैनाती होटवार मुख्यालय में की गई है
Dheeraj Kumar

Ranchi: CID मुख्यालय में 39 स्निफर डॉग हैं जो अपराधियों और संदिग्ध वस्तुओं को ढूंढ निकालने में अहम भूमिका निभाते हैं. स्निफर डॉग्स (खोजी कुता) का दस्ता राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने और जटिल आपराधिक मामलों की गुत्थी सुलझाने में बेहद कारगर साबित हो रहा है. सीआईडी मुख्यालय में तैनात स्निफर डॉग दस्ता में मुख्य रूप से लैब्राडोर और बेल्जियम ब्रीड के श्वान शामिल हैं, जो अपनी तीव्र सूंघने की क्षमता और बुद्धिमत्ता के लिए जाने जाते हैं.
जानें स्निफर डॉग की कहां कहां की गई है तैनाती
सुरक्षा और कानून व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए इन सभी स्निफर डॉग्स का कार्यक्षेत्र निर्धारित किया गया है. स्निफर डॉग– कैटरीना, केदार और माला ये सभी नार्कोटिक्स श्वान है. इन सभी स्निफर की तैनाती होटवार मुख्यालय में है. इसके अलावे स्निफर डॉग का नाम हैनी, किट्टी, डेल्टा, डिंपी और हिमू है. इन सभी स्निफर डॉग की तैनाती होटवार में है. स्निफर डॉग डोरी, चिन्ना, मारेया, हांटी, मोना, दिया की तैनाती पुलिस केंद्र रांची में है. एलेक्स और बनी स्निफर डॉग की तैनाती पुलिस केंद्र बोकारो है. बाबू और लियो स्निफर डॉग की तैनाती जमशेदपुर एयरपोर्ट पर है. मान्या स्निफर डॉग की तैनाती चाईबासा पुलिस केंद्र में है. इला, विक, बारु और सैंडी स्निफर डॉग की तैनाती पुलिस केंद्र दुमका में है. वहीं मेरी और अवनी स्निफर डॉग की तैनाती पुलिस केंद्र पलामू में है.
क्राइम डिटेक्शन और आरोपी की पहचान में मास्टर
इन खोजी कुत्तों की सबसे बड़ी खासियत जटिल आपराधिक मामलों का उद्भेदन करना है. घटनास्थल पर मिलने वाले सूक्ष्म साक्ष्यों और गंध के सहारे ये श्वान न केवल अपराध की कड़ियों को जोड़ते हैं, बल्कि वारदात को अंजाम देने वाले असली आरोपी की सटीक पहचान भी करते हैं. सीआईडी के अनुभवी हैंडल्स द्वारा दी गई कठिन ट्रेनिंग की बदौलत ये स्निफर डॉग्स लाखों की भारी भीड़ के बीच छिपे किसी संदिग्ध या अपराधी को भी पलक झपकते ही ढूंढ निकालने में सक्षम हैं.
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विस्फोटक और नशीले पदार्थों की सटीक पहचान
सुरक्षा एजेंसियों के लिए यह दस्ता आतंकवाद और संगठित अपराध के खिलाफ एक मजबूत ढाल की तरह काम करता है. वीआईपी सुरक्षा, सार्वजनिक कार्यक्रमों और औचक निरीक्षण के दौरान ये श्वान भारी मात्रा में छिपाकर रखे गए बम, बारूद और अत्याधुनिक एक्सप्लोसिव (विस्फोटक) का आसानी से पता लगा लेते हैं. इसके अलावा, नारकोटिक्स (मादक पदार्थों और ड्रग्स) की तस्करी को पकड़ने में भी इनका कोई सानी नहीं है. जमीन के नीचे या बैग की परतों में छिपाकर रखी गई प्रतिबंधित नशीली दवाओं को ये सूंघकर तुरंत चिन्हित कर देते हैं.
CID मुख्यालय का यह डॉग स्क्वायड आधुनिक पुलिसिंग का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुका है. अपनी विशेष कार्यकुशलता और निष्ठा की वजह से ये बेजुबान सिपाही राज्य में घटित होने वाले कई बड़े आपराधिक मामलों का पर्दाफाश करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस के सबसे भरोसेमंद मददगार साबित हो रहे हैं.
