Ranchi: झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है. शह-मात के इस खेल में पासा पलटने के लिए सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. शनिवार दोपहर बाद अचानक बदली राजनीतिक हलचल ने राज्य के सियासी गलियारों में बेचैनी बढ़ा दी है. अपराह्न साढ़े तीन बजे से ही झारखंड मुक्ति मोर्चा के विधायकों और सांसदों का मुख्यमंत्री आवास पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया. सीएम आवास पर आहूत इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मंत्री सुदिव्य सोनू, हफीजुल हसन, राम सूर्या मुंडा, भूषण तिर्की, मथुरा महतो, धनंजय सोरेन, आलोक सोरेन, लुईस मरांडी, सुदीप गुड़िया और सांसद डॉ. सरफराज अहमद जैसे दिग्गज नेता एकजुट हुए. बंद कमरे में चल रही इस रणनीति बैठक को चुनाव में जीत सुनिश्चित करने और क्रॉस-वोटिंग के किसी भी खतरे को टालने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है.

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BJP में भी सरगर्मी
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी खेमे में भी अप्रत्याशित सरगर्मी देखी गई. दोपहर करीब 3:20 बजे दिग्गज नेता गौरव वल्लभ अचानक प्रदेश भाजपा कार्यालय पहुंचे और उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए परचा खरीदा. लगभग एक घंटे तक कार्यालय में रुकने के बाद वे बिना मीडिया से बात किए मौन साधकर निकल गए. गौरव वल्लभ की इस एंट्री ने विपक्ष की रणनीति को लेकर सस्पेंस गहरा कर दिया है. दोनों खेमों की इन कूटनीतिक चालों ने झारखंड की राज्यसभा रेस को बेहद दिलचस्प और अनिश्चित बना दिया है.
