चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने मई 2026 में मासिक उत्पादन लक्ष्य पुरा कर 5.57 लाख मीट्रिक टन का रिकॉर्ड प्रेषण किया

Hazribagh: एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने मई 2026 में उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र...

Hazribagh: एनटीपीसी माइनिंग लिमिटेड की चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना ने मई 2026 में उत्पादन, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं. परियोजना ने निर्धारित मासिक उत्पादन लक्ष्य का 100 प्रतिशत हासिल करते हुए 5.65 लाख मीट्रिक टन से अधिक कोयला उत्पादन किया, जबकि 5.57 लाख मीट्रिक टन कोयले का रिकॉर्ड डिस्पैच दर्ज किया गया.

वित्तीय वर्ष में उत्पादन और प्रेषण ने छुआ नया आंकड़ा

परियोजना प्रबंधन के अनुसार चालू वित्तीय वर्ष में अब तक संचयी कोयला उत्पादन 14.43 मिलियन टन तथा संचयी कोयला प्रेषण 14.23 मिलियन टन तक पहुंच चुका है. इसके साथ ही परियोजना की कोयला विश्लेषण प्रयोगशाला को भी मान्यता प्राप्त हुई है, जो गुणवत्ता नियंत्रण के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है.

पेयजल संकट से राहत के लिए विशेष पहल

कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत परियोजना द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल उपलब्ध कराने के लिए विशेष अभियान चलाया गया. चार पंचायतों के आठ गांवों में 11 जल टैंकरों के माध्यम से नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की गई. इसके अलावा नौ बोरवेल और ओवरहेड टैंकों की स्थापना कर ग्रामीणों को राहत पहुंचाई गई. कई गांवों में सड़क और अन्य सार्वजनिक विकास कार्य भी कराए गए.

स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष फोकस

प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 200 पोषण किट वितरित किए गए. बिरहोर टांडा और बिरहोर कॉलोनी में स्वास्थ्य जांच, रक्त परीक्षण और एक्स-रे शिविर आयोजित किए गए. इसके अलावा 200 मच्छरदानियों का वितरण किया गया तथा 200 से अधिक छात्राओं के लिए स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए.

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बिरहोर समुदाय के विकास के लिए विशेष प्रयास

परियोजना द्वारा बिरहोर समुदाय के समग्र विकास के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं. बिरहोर टोला में आवास नवीनीकरण कार्य की शुरुआत की गई तथा बच्चों के लिए चिल्ड्रेन पार्क का उद्घाटन किया गया. साथ ही स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों का संचालन किया गया. पर्यावरण-अनुकूल बांस आधारित आवास मॉडल विकसित करने की दिशा में भी कार्य प्रारंभ किया गया है.

महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल

आजीविका संवर्धन कार्यक्रम के तहत स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों को मधुमक्खी पालन, सिलाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण दिया गया. स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए 33 सिलाई मशीनों का वितरण किया गया तथा प्रशिक्षित महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने का प्रयास किया गया. परियोजना के माध्यम से 1,200 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल बैग और शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई. इसके अलावा 560 सोलर लैम्प और सोलर पैनल वितरित कर विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने में सहयोग दिया गया.

पर्यावरण संरक्षण को मिला बढ़ावा

विश्व पर्यावरण दिवस 2026 के अवसर पर चट्टी बरियातु पंचायत में 2,000 फलदार पौधों का वितरण किया गया. वहीं स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान, स्वच्छता किट वितरण और डस्टबिन स्थापना जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए. चट्टी बरियातु कोयला खनन परियोजना उत्पादन के साथ-साथ सामाजिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है. परियोजना की ये उपलब्धियां औद्योगिक विकास और सामाजिक जिम्मेदारी के संतुलित मॉडल के रूप में सामने आ रही हैं.

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