Ranchi: झारखंड की सियासी तपिश के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय संगठनात्मक दौरा केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राज्य में भाजपा के पुनरुत्थान का एक नया रोडमैप बनकर उभरा है. रांची एयरपोर्ट के लिए रवाना होने से पहले प्रदेश कार्यालय में उमड़े कार्यकर्ताओं के हुजूम ने यह साफ कर दिया कि भाजपा आगामी राजनीतिक महासंग्राम के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है.

नितिन नवीन ने कार्यकर्ताओं की ऊर्जा को भाजपा की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए स्पष्ट किया कि दिल्ली की सत्ता का रास्ता झारखंड के जमीनी कार्यकर्ताओं के पसीने से होकर ही गुजरेगा.
भावनात्मक जुड़ाव से राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश
दौरे के समापन पर नितिन नवीन ने एक बड़ा भावनात्मक दांव खेलते हुए कहा, “रांची और झारखंड मेरे लिए दूसरा घर हैं.” उनका यह बयान राज्य की जनता और कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद और जुड़ाव को गहरा करने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखंड की जनता ने अतीत में भी भाजपा को अपना भरपूर आशीर्वाद दिया है और राज्य की माटी का भाजपा से गहरा नाता है.
कमल के पुराने वैभव को लौटाने का संकल्प
नितिन नवीन ने सीधे तौर पर राज्य की पहचान को भाजपा के इतिहास से जोड़ते हुए कहा कि झारखंड को अलग राज्य बनाने का काम भाजपा ने किया था और अब इसे विकास के पथ पर आगे संवारने का जिम्मा भी पार्टी के कार्यकर्ताओं का ही है.
उन्होंने पूरे आत्मविश्वास के साथ कहा कि झारखंड की धरती पर कमल अपने उसी पुराने और मजबूत स्वरूप में फिर से खिलेगा, जैसा अतीत में देखा गया था. पार्टी की जड़ों को फिर से उसी मजबूती के साथ खड़ा करने के लिए जमीनी स्तर पर काम शुरू हो चुका है.
आगामी चुनावी रणनीति को मिली नई ऊर्जा
संगठनात्मक दृष्टि से इस दो दिवसीय दौरे को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इन दो दिनों के भीतर नितिन नवीन ने पार्टी के शीर्ष पदाधिकारियों से लेकर बूथ स्तर के प्रभारियों के साथ कई दौर की रणनीतिक बैठकें कीं.
इन बैठकों में आगामी चुनावों को लेकर विस्तृत रणनीति पर चर्चा की गई. भाजपा नेतृत्व का मानना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस आक्रामक और संवादात्मक दौरे से संगठन के भीतर नई ऊर्जा का संचार हुआ है, जो आने वाले दिनों में राज्य सरकार के खिलाफ सड़क से लेकर सदन तक पार्टी की गतिविधियों को और अधिक गति देने का काम करेगा.
