Ranchi: राजधानी रांची और इसके ग्रामीण इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए एडीजी मनोज कौशिक और एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर रांची पुलिस के आला अधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण बैठक की. रविवार को आयोजित हुए इस उच्च स्तरीय बैठक में रांची जिले में तैनात सभी पीसीआर वाहनों और हाईवे पेट्रोलिंग वाहनों के पुलिसकर्मियों ने भाग लिया. बैठक की अध्यक्षता ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने की, जबकि इसमें ग्रामीण एसपी भी मुख्य रूप से शामिल रहे. बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर और हाईवे पर अपराधियों पर नकेल कसना और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करना था.

हमेशा ‘अलर्ट मोड’ में रहें जवान: ट्रैफिक एसपी
बैठक के दौरान पुलिसकर्मियों को संबोधित करते हुए ट्रैफिक एसपी राकेश सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि सभी पीसीआर और हाईवे पेट्रोलिंग वाहन हमेशा अलर्ट मोड में रहेंगे. किसी भी आपातकालीन स्थिति में उनका रिस्पॉन्स टाइम कम से कम होना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में पुलिस की गाड़ियां लगातार पेट्रोलिंग करती रहेंगी ताकि अपराधियों में डर और जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो. रात के समय और सुनसान इलाकों में बेवजह घूमने वाले संदिग्ध लोगों की कड़ाई से चेकिंग की जाए.
व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की कड़ी निगरानी के निर्देश
त्योहारों और आम दिनों में व्यावसायिक क्षेत्रों में होने वाली आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए अधिकारियों ने विशेष रणनीति तैयार की है. इसके तहत पीसीआर टीमों को विशेष रूप से इन जगहों की निगरानी करने को कहा गया है. बैंकों के खुलने और बंद होने के समय, साथ ही एटीएम के आसपास विशेष नजर रखने को कहा गया है. साथ ही सर्राफा बाजारों और होटलों के आसपास लगातार गश्त करने और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है. प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए रूट चार्ट बनाकर पेट्रोलिंग करने की बात कही गई है.

यह भी पढ़ें: क्राइम मीटिंग का आयोजन, लंबित मामलों को जल्द निपटाने और सुरक्षा कड़े करने का एसपी ने दिया निर्देश
हाईवे पेट्रोलिंग को लेकर ग्रामीण एसपी की सख्त हिदायत
बैठक में मौजूद ग्रामीण एसपी ने विशेष रूप से हाईवे पेट्रोलिंग टीमों को निर्देशित किया. उन्होंने कहा कि रांची से जुड़ने वाले राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों पर रात के समय लूटपाट और हादसों को रोकने के लिए पेट्रोलिंग गाड़ियां सक्रिय रहेंगी. हाईवे पर किसी भी दुर्घटना या आपात स्थिति में पेट्रोलिंग टीम सबसे पहले पहुंचकर मदद करेगी और घायलों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था करेगी. इसके साथ ही ग्रामीण इलाकों के एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग अभियान चलाया जाए.
