Palamu: मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एमएमसीएच) में एक प्रसूता के सिजेरियन सेक्शन (C-Section) ऑपरेशन के बाद अस्पताल प्रशासन में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब महिला के पूर्व से ही एचआईवी (HIV) पॉजिटिव होने की बात सामने आई. आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने सक्रियता दिखाते हुए राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के अनुरूप तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक और चिकित्सीय कार्रवाई शुरू कर दी. राहत की बात यह है कि वर्तमान में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और सुरक्षा के सभी कड़े मानक अपनाए जा रहे हैं. यह पूरा मामला शनिवार का है, जब प्रसव के लिए आई एक महिला का अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा ऑपरेशन किया गया था. सिजेरियन सेक्शन से पहले प्रसव कक्ष में स्थित इन-हाउस लैब की रैपिड टेस्ट किट से महिला की एचआईवी जांच की गई थी, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई थी. इसी निगेटिव रिपोर्ट और उपलब्ध चिकित्सीय जानकारी को आधार मानते हुए डॉक्टरों की टीम ने पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए सफल ऑपरेशन किया. ऑपरेशन संपन्न होने के बाद जब अन्य मेडिकल दस्तावेजों और अभिलेखों की पड़ताल की गई, तब यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि संबंधित प्रसूता पहले से ही एचआईवी संक्रमित थी. जांच के दौरान यह बात भी उजागर हुई कि महिला और उसके पति को इस बीमारी की पूरी जानकारी थी, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने इलाज के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सीय दल को यह बात नहीं बताई और न ही अपना एआरटी (ART) कार्ड अस्पताल में प्रस्तुत किया.

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अलर्ट मोड पर अस्पताल प्रशासन
मामला संज्ञान में आते ही अस्पताल प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया. सबसे पहले नवजात शिशु की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए राष्ट्रीय गाइडलाइंस के मुताबिक उसे आवश्यक प्रोफिलैक्सिस के तहत नेविरापिन (Nevirapine) और जिडोवुडिन (Zidovudine) सिरप की खुराक दी गई. इसके साथ ही, इस संवेदनशील ऑपरेशन में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल रहे सभी डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एआरटी सेंटर के माध्यम से उनकी काउंसलिंग शुरू करा दी गई है और जरूरत के अनुसार पोस्ट एक्सपोजर प्रोटोकॉल का पालन किया जा रहा है. अस्पताल प्रबंधन ने एहतियात के तौर पर उस सिजेरियन सेक्शन के बाद उसी ऑपरेशन थिएटर में हुए अन्य सभी ऑपरेशनों की एक लाइन लिस्टिंग (सूची) तैयार कर ली है ताकि उन मामलों में भी राष्ट्रीय दिशानिर्देशों के तहत आवश्यक जांच और चिकित्सीय उपाय किया जा सके. संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत संबंधित ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह से सैनिटाइज और डिसइन्फेक्ट (संक्रमण-मुक्त) कर दिया गया है. अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीजों, नवजातों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. साथ ही, गोपनीयता के नियमों का सम्मान करते हुए प्रसूता या उसके परिवार की पहचान से जुड़ी किसी भी जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा.
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