Hazaribagh: जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र अंतर्गत सादमपुर गांव में ग्रामीणों ने मानवता और वन्य जीव संरक्षण की अनूठी मिसाल पेश की है. जंगल से भटककर गांव पहुंचे एक घायल नीलगाय को ग्रामीणों ने सुरक्षित बचाकर उसकी देखभाल शुरू कर दी है. ग्रामीणों की इस संवेदनशील पहल की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है.
घायल अवस्था में मिला वन्य प्राणी
जानकारी के अनुसार, सादमपुर गांव के समीपवर्ती जंगलों से भटककर एक नीलगाय आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया था. इसी दौरान किसी अज्ञात कारणवश वह गंभीर रूप से घायल हो गया और चलने-फिरने में असमर्थ होकर जमीन पर बैठ गया. सुबह ग्रामीणों की नजर जब घायल नीलगाय पर पड़ी, तो उन्होंने उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अपने हाथों में ले ली. ग्रामीणों ने उसे संभावित खतरों से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और उसके आसपास सुरक्षा घेरा बना दिया.

चारा-पानी की व्यवस्था कर शुरू की देखभाल
ग्रामीणों ने नीलगाय को धूप से बचाने के लिए छायादार स्थान पर रखा तथा उसके लिए हरे चारे और पानी की व्यवस्था की. स्थानीय लोगों के अनुसार प्राथमिक देखभाल मिलने के बाद उसकी स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है. ग्रामीण लगातार उसकी निगरानी कर रहे हैं ताकि वन विभाग की टीम पहुंचने तक उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो.
वन विभाग और पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों और कटकमदाग थाना पुलिस को सूचना दी. ग्रामीणों ने आशंका जताई कि नीलगाय को अंदरूनी चोटें भी हो सकती हैं, इसलिए उसके चिकित्सकीय परीक्षण और उपचार की आवश्यकता है. वन विभाग ने मामले का संज्ञान लेते हुए ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि रेस्क्यू टीम जल्द ही मौके पर पहुंचेगी. टीम द्वारा नीलगाय को सुरक्षित संरक्षण में लेकर आवश्यक उपचार कराया जाएगा तथा जरूरत पड़ने पर वन्य जीव चिकित्सा केंद्र भेजा जाएगा.
वन्य जीव संरक्षण का दिया संदेश
सादमपुर गांव के लोगों की इस पहल ने यह संदेश दिया है कि वन्य जीवों की सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज की भी नैतिक जिम्मेदारी है. घायल नीलगाय के प्रति ग्रामीणों द्वारा दिखाई गई संवेदनशीलता और सेवा भावना को क्षेत्र में मानवता की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में देखा जा रहा है.
