Ranchi: सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर जमीन की खरीद-फरोख्त करने के मामले में दोषी करार दिए गए पूर्व मंत्री एनोस एक्का के सहयोगी ब्रजेश महतो को झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है. जमानत मिलने के बाद उनके जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है.
15 साल पुराने मामले में हुई थी सजा
दरअसल, 29 अगस्त 2025 को सीबीआई की विशेष अदालत ने लगभग 15 वर्ष पुराने सीएनटी एक्ट उल्लंघन मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का, उनकी पत्नी मेनन एक्का, रांची के तत्कालीन एलआरडीसी कार्तिक कुमार प्रभात, राज किशोर सिंह, फिरोज अख्तर, ब्रजेश मिश्रा, अनिल कुमार, मणिलाल महतो, परशुराम केरकेट्टा और ब्रजेश्वर महतो को दोषी करार दिया था. इसके बाद से ब्रजेश महतो जेल में बंद थे.

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पद के दुरुपयोग का आरोप
मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का पर मंत्री रहते हुए अपने पद का दुरुपयोग करने और फर्जी पते के आधार पर आदिवासी जमीन की खरीद-बिक्री कराने का गंभीर आरोप है. आरोप है कि प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित मिलीभगत से सीएनटी एक्ट का उल्लंघन कर बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई थी.
कई क्षेत्रों में खरीदी गई थी जमीन
जांच के दौरान सामने आया था कि पूर्व मंत्री एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर रांची के हिनू में 22 कट्ठा, ओरमांझी में 12 एकड़, नेवरी में 4 एकड़ तथा चुटिया के सिरमटोली मौजा में 9 डिसमिल जमीन खरीदी गई थी. बताया गया कि इन सभी जमीनों की खरीद मार्च 2006 से मई 2008 के बीच की गई थी.
CBI जांच के बाद दाखिल हुआ था आरोप पत्र
मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने की थी. जांच पूरी होने के बाद एजेंसी ने आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके आधार पर सुनवाई हुई और अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी. अब झारखंड हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद ब्रजेश मिश्रा को बड़ी राहत मिली है, जबकि मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर प्रक्रिया जारी है.
