रांची: विधायक जयराम महतो ने कहा है कि प्रवासी मजदूरों के लिए जल्द ही सुलभ सहायता योजना लागू की जाएगी. उन्होंने बताया कि वे लगातार विधानसभा में प्रवासी मजदूरों की समस्याओं, पीड़ा और उनके अधिकारों का मुद्दा उठाते रहे हैं. उन्होंने मजदूरों के पंजीकरण, सुविधाएं उपलब्ध कराने, बाहर काम करते समय मृत्यु होने पर शव को घर लाने की राशि बढ़ाने तथा प्रवासी आयोग के गठन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सदन में प्रमुखता से रखा.

राज्य सरकार ने इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए रांची में राज्य प्रवासी नियंत्रण केंद्र स्थापित करने का निर्णय लिया है, जहां से पीड़ित प्रवासी मजदूरों को सहायता दी जाएगी. इसके लिए लगभग 11 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है.
तैयार किया जा रहा सहायता केंद्र खोलने का प्रस्ताव
राज्य से बाहर अन्य प्रमुख शहरों में भी सहायता केंद्र खोलने का प्रस्ताव कैबिनेट में तैयार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि प्रवासी मजदूरों की पीड़ा केवल उनके परिवार ही सही मायने में समझ सकते हैं, क्योंकि दो वक्त की रोटी के लिए उन्हें अपने परिवार से दूर रहकर कठिन परिस्थितियों में काम करना पड़ता है.
यह भी उल्लेख किया गया कि खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड, जो देश को लगभग 40 प्रतिशत खनिज देता है, वहां करीब 18 लाख प्रवासी मजदूर हैं. उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई झारखंड के हर हाथ को राज्य में ही रोजगार दिलाने की है. प्रवासी मजदूरों के हक-अधिकार के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा.

