Ranchi: सिविल कोर्ट रांची में एक अजीबों गरीब मामला सामने आया. जिसमें चिल्ड्रेन कोर्ट के विशेष न्यायाधीश वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दो आरोपियों को बरी कर दिया. मामले में जिस फुटेज के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था, अदालत में आइओ अमित कुमार पासवान ने उसी फुटेज को ही प्रस्तुत नहीं किया. जिसका लाभ आरोपियों को मिला. साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को अदालत ने बरी कर दिया.
साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया
मामला फरवरी 2020 का है. हत्या के बाद मामले में अंकुश शर्मा के पिता अंकित शर्मा के बयान पर सुमित यादव,सीखा यादव और चार अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. मामले में चार फरवरी 2020 को प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. हत्या का का मामला काफी चर्चित हुआ था. छेड़खानी का आरोपी लगा कर मारपीट कर हत्या कर दी गयी थी. कई दिनों तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जा सका था. बाद में सुखदेवनगर पुलिस ने सीसीटीवी देख कर उसके फुटेज के आधार पर दो आरोयिपों को गिरफ्तार किया था. मामले में छह सालों तक सुनवाई होती रही. लेकिन इतने सालों के बाद भी केस के आइओ अमित कुमार पासवान(दारोगा) मुख्य साक्ष्य अदालत में प्रस्तुत नहीं किया, जिसके के कारण साक्ष्य के अभाव में आरोपियों को बरी कर दिया गया.

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